राज्य

मिलावटखोरों पर सबसे बड़ी कार्रवाई: राजस्थान में 5 घी-चाय-मसाला ब्रांड बैन, 12 दुकानें सील

बलजीत सिंह शेखावत · 03 सितम्बर 2026, 12:41 दोपहर
राजस्थान सरकार ने मिलावटखोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए नंदी घी और रतवाड़ी चाय समेत 5 प्रमुख खाद्य उत्पादों पर 2 महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

जयपुर | राजस्थान सरकार ने आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और नकली सामान बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत, खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में 5 प्रमुख पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, प्रदर्शन और बिक्री पर अगले 2 महीनों के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है।

इन 5 ब्रांड्स पर लगा 2 महीने का बैन

राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में हुई फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन विशिष्ट बैच नंबर वाले उत्पादों को असुरक्षित घोषित कर प्रतिबंधित किया है। इस कार्रवाई से किराना बाजार और थोक व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

9 प्रसिद्ध खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड

प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। लैब टेस्टिंग में सैंपल्स फेल होने के बाद इन 9 प्रमुख दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं:

जयपुर में 3 आउटलेट्स के लाइसेंस निरस्त

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के फूड कारोबार चला रहे 3 बड़े प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन भी पूरी तरह निरस्त कर दिया है।

ये दुकानें पूर्व में लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद चोरी-छिपे असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेच रही थीं।

खरीदारी करते समय रहें सावधान

खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे बाजार से कोई भी पैकेज्ड सामान खरीदते समय जागरूक रहें।

इन बातों का रखें ध्यान:

यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट का शक हो, तो तुरंत नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)