राजस्थान |
राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के भीतर सत्ता और संगठन के बीच आंतरिक असंतोष की खबरें जोर पकड़ रही हैं। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता और निष्ठावान नेता अब अपनी ही सरकार के मंत्रियों की कार्यशैली के खिलाफ सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
हाल ही में हुए बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के फैसलों ने इस असंतोष को और हवा दे दी है, जो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए एक बड़ा सियासी सिरदर्द बन गया है।
कार्यकर्ताओं का छलका दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और लीक हुए व्हाट्सएप चैट इस बात का सबूत हैं कि पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की सुनवाई शासन स्तर पर नहीं हो रही है। इससे उनके भीतर अपनी ही सरकार के प्रति गंभीर नाराजगी पनप रही है।
RSS कार्यकर्ता का भावुक पोस्ट
इस विवाद के केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि वाले एक वरिष्ठ कार्यकर्ता का भावुक पोस्ट है। उन्होंने एक कद्दावर मंत्री की जिद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
नेता ने लिखा: ''मेरे पिता जी भारतीय जनता पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ता रहे हैं, इस बात को सम्माननीया वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) जी भी अच्छे से जानती हैं। मैं खुद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं। मैंने अपने जीवन में अनेकों बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन आज पहली बार मुझे प्रशासनिक स्तर पर मदद की जरूरत पड़ी, क्योंकि गलती से मैंने अपना प्रमोशन स्वीकार कर लिया था। इसके बदले मुझे 59 साल की उम्र में मेरे घर से 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ ट्रांसफर कर दिया गया। दुर्भाग्य यह रहा कि मेरा ट्रांसफर किसी रिक्त स्थान पर भी नहीं किया गया। खैर, मैं तो अब इस नौकरी से वीआरएस (VRS) ले लूंगा। लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री जी, आपकी यह जिद्द बीजेपी को लेकर डूबेगी।''
जालोर में भी दिखी नाराजगी
असंतोष की यह आग सिर्फ एक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं है। पश्चिमी राजस्थान के जालोर जिले में भी भाजपा नगर मंडल के एक आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप के चैट लीक हो गए हैं।
इन चैट्स में स्थानीय पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपनी ही सरकार के मंत्रियों और स्थानीय विधायकों के रवैये पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि राज्य में अपनी सरकार होने के बावजूद उनकी जायज मांगों और छोटे-मोटे प्रशासनिक कामों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
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