निकाय चुनाव: BJP की रणनीति: राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा ने बनाया मास्टरप्लान
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में चुनावी रणनीति बनाई गई और समितियों के गठन का फैसला हुआ।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में संभाग प्रभारियों की पहली रणनीतिक बैठक हुई।
- बैठक में कुछ वरिष्ठ नेताओं को उनके गृह संभाग की जिम्मेदारी दिए जाने पर केंद्रीय संगठन ने असहमति जताई।
- श्रीगंगानगर के भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह केरा सहित 31 कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए।
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जयपुर | राजस्थान में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को गति दे दी है। इस सिलसिले में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद रहे। बैठक में संभाग प्रभारियों के साथ आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया।
चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी नगरीय निकाय चुनाव रहे। इसमें प्रत्येक संभाग की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मौजूदा तैयारियों, स्थानीय समीकरणों और चुनावों के लिए एक विस्तृत रोडमैप पर गहन चर्चा की गई।
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बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चुनावों के लिए निकाय और वार्ड स्तर पर प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही, चुनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिया एकजुटता का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच यदि कोई आपसी मतभेद है, तो उसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन में बेहतर सामंजस्य स्थापित करके ही आगे बढ़ना होगा ताकि चुनावी सफलता सुनिश्चित की जा सके।
वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियों में फेरबदल संभव
बैठक के दौरान संभाग प्रभारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय संगठन ने कुछ वरिष्ठ नेताओं को उनके गृह संभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर असहमति व्यक्त की है।
सूत्रों के मुताबिक, अरुण चतुर्वेदी को भरतपुर की बजाय अजमेर संभाग और अशोक परनामी को अजमेर के स्थान पर भरतपुर संभाग की जिम्मेदारी देने पर सहमति बनी है। उल्लेखनीय है कि चतुर्वेदी मूल रूप से भरतपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
इसके अलावा, जयपुर संभाग में घनश्याम तिवाड़ी और लालचंद कटारिया जैसे स्थानीय नेताओं को अन्य कोई जिम्मेदारी सौंपने पर भी पुनर्विचार किया गया। घनश्याम तिवाड़ी के वरिष्ठ कद को देखते हुए उन्हें संचालन मंडल में शामिल किया जा सकता है।
जयपुर संभाग के लिए सुखबीर सिंह जौनपुरिया, शंकर सिंह राजपुरोहित और प्रसन्न मेहता के नामों पर भी विचार-विमर्श हुआ है। हालांकि, पार्टी की ओर से इन बदलावों की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
किसान यूनियन के कार्यकर्ता भाजपा में शामिल
शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, श्रीगंगानगर के भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह केरा सहित 31 कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर भाजपा परिवार में उनका स्वागत किया। इस अवसर पर राठौड़ ने कहा कि विभिन्न वर्गों के लोगों का भाजपा के प्रति बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि जनता विकास, सुशासन और पारदर्शी कार्यशैली का समर्थन कर रही है।
इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल विश्नोई और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी भी मौजूद रहे।
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