राजस्थान

भाजपा एसटी मोर्चा की नई टीम: राजस्थान भाजपा एसटी मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित: 76 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

प्रदीप बीदावत · 04 अप्रैल 2026, 10:30 दोपहर
राजस्थान भाजपा ने एसटी मोर्चा की नई टीम का ऐलान कर दिया है। गोपीचंद मीणा की अध्यक्षता वाली इस कार्यकारिणी में 76 नेताओं को जगह मिली है, जिसमें क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है।

जयपुर |  राजस्थान की राजनीति में आगामी सांगठनिक मजबूती और चुनावी रणनीतियों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाया है। भाजपा ने अपनी अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है।
यह घोषणा भाजपा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष माननीय मदन राठौड़ के निर्देशों और मार्गदर्शन के बाद की गई है। एसटी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा द्वारा यह विस्तृत सूची जारी की गई है, जिसमें अनुभवी और युवा चेहरों का मिश्रण देखने को मिला है।
इस नई कार्यकारिणी में कुल 76 पदाधिकारियों और सदस्यों को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं। पार्टी ने इस सूची के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों और जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।

प्रदेश उपाध्यक्षों की महत्वपूर्ण नियुक्तियां

पार्टी ने अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए 8 वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें जयपुर के सांगानेर से विजय मीणा को शामिल किया गया है, जो शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पैठ बढ़ाएंगे।
वहीं, डूंगरपुर से अमृतलाल कलासुआ और सवाईमाधोपुर से डॉ. ममता मीना को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। सिरोही के धनाराम मीणा और जयपुर शहर के कालूराम मीणा को भी इस टीम में महत्वपूर्ण स्थान मिला है।
करौली से राजेन्द्र मीणा 'गुडली' और डूंगरपुर के कांतिलाल डामोर को उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने दक्षिणी राजस्थान में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। यह नियुक्तियां संगठन की सक्रियता को ग्रामीण स्तर पर बढ़ाने के लिए की गई हैं।

संगठन के स्तंभ: प्रदेश महामंत्री

संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए 4 प्रमुख नेताओं को प्रदेश महामंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है। इनमें दौसा से महेन्द्र चांदा और धौलपुर से राजबहादुर मीणा का नाम शामिल है।
कोटा क्षेत्र से अशोक मीणा और बांसवाडा से राजेश कटारा को महामंत्री बनाया गया है। इन चारों नेताओं पर मोर्चा के प्रशासनिक कार्यों और जिलों में समन्वय स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

प्रदेश मंत्री एवं प्रशासनिक टीम

प्रदेश मंत्रियों की सूची में डॉ. रमेश राणा 'भील' (जालौर), उगाराम भील 'दरबारी' (जैसलमेर) और दिनेश मीणा (पाली - सुमेरपुर) को शामिल किया गया है। यह नियुक्तियां पश्चिमी राजस्थान के जनजातीय समाज को साधने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
इसके अलावा राहुल मीना 'भरकऊ', संजय मीणा 'बंटी', श्रीमती शीला राजकुमार मीणा, बृजमोहन मीणा और रामस्वरूप मीणा को भी प्रदेश मंत्री के रूप में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है।
कोषाध्यक्ष पद पर केदार मल मीणा और सह-कोषाध्यक्ष पद पर रंगलाल मीणा को नियुक्त किया गया है। कार्यालय प्रबंधन के लिए मानसिंह मीणा को प्रदेश कार्यालय मंत्री और बाबूलाल मीणा को सह-मंत्री बनाया गया है।

डिजिटल और मीडिया विंग की मजबूती

वर्तमान समय में सोशल मीडिया और आईटी की भूमिका को देखते हुए पार्टी ने सक्षम टीम तैयार की है। परमेश्वर मईडा को प्रदेश मीडिया प्रभारी और मनोज डगला को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सोशल मीडिया की कमान जमुना लाल मीणा को सौंपी गई है, जबकि दलपत मीना उनके साथ सह-प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। आईटी प्रकोष्ठ में रिंकू मीना को संयोजक तथा सम्पत निनामा और शेरसिंह मीना को सह-संयोजक बनाया गया है।

प्रवक्ताओं की विशाल फौज

मोर्चा ने अपनी बात जनता तक मजबूती से पहुंचाने के लिए 19 प्रवक्ताओं की नियुक्ति की है। इनमें श्रीमती मंजू मीणा, रामविलास मीणा, मनोहर लाल राणा, श्रीमती सोनल मीणा, प्रमोद मीणा, विमल तावड और ओमप्रकाश मीणा प्रमुख हैं।
साथ ही शंकर लाल खराडी, श्रीमती आशा मीणा, हरिकेश मीना, डॉ. बलवीर जीतमल खांट, महावीर मीणा, राजवीर मीणा, विनोद मीणा, रामावतार मीणा, कांतिलाल अहारी, शिवलाल मीणा, शैतानसिंह मीणा और भैरूलाल मीणा को प्रवक्ता बनाया गया है।

कार्यसमिति और विशेष आमंत्रित सदस्य

संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए 30 कार्यसमिति सदस्य बनाए गए हैं। इनमें रामेश्वर मीणा, बसंतीलाल मीणा, कंवरलाल भील, बलवरी अहारी और श्रीमती सुमन मीना जैसे नाम शामिल हैं, जो विभिन्न जिलों में मोर्चा का काम देखेंगे।
स्थायी विशेष आमंत्रित सदस्यों में श्रीमती बरजी देवी भील, केसाराम गरासिया और सुबोधी मीणा को जगह दी गई है। वहीं, देवीलाल भगोरा (उदयपुर) और श्रीमती सरिता मीणा (टोंक) को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
इस नई कार्यकारिणी के गठन से राजस्थान भाजपा एसटी मोर्चा में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। पार्टी का लक्ष्य आगामी समय में आदिवासी समुदायों के बीच अपनी पैठ को और गहरा करना और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को उन तक पहुँचाना है।

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