सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले के एक छोटे से गांव के युवा ने लंदन में भारत का नाम रोशन किया है। डोडूआ गांव के विश्वजीत सिंह देवड़ा ने लंदन की प्रतिष्ठित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय छात्र हैं।
कौन हैं विश्वजीत सिंह देवड़ा?
विश्वजीत सिंह देवड़ा सिरोही जिले के डोडूआ गांव के रहने वाले हैं। वह क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में प्रबंधन कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। इस यूनिवर्सिटी में 170 देशों के 31,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं।
उनकी शुरुआती शिक्षा माउंट आबू के सेंट मैरी हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने बैंगलोर के बिशप कॉटन स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। विश्वजीत पिछले तीन साल से यूनिवर्सिटी के ब्रांड एंबेसडर भी हैं।
चुनावी वादों ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
विश्वजीत ने छात्रों से जुड़े अहम मुद्दों पर चुनाव लड़ा। उन्होंने अपने घोषणापत्र में छात्रों के लिए पेड कैंपस जॉब, कैंपस में सस्ता और अच्छा भोजन, और एक अलग स्टूडेंट किचन का वादा किया।
इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के किराए संबंधी समस्याओं को हल करने, आवागमन के लिए सस्ती सुविधाएं और सामाजिक व खेल गतिविधियों के लिए बजट बढ़ाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी। इन वादों को छात्रों का भरपूर समर्थन मिला।
राजनीतिक परिवार से हैं विश्वजीत
विश्वजीत का परिवार राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके पिता भवानी सिंह देवड़ा वर्तमान में ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं। उनकी मां गिरिजा कुंवर डोडूआ ग्राम पंचायत की सरपंच हैं और पूर्व में जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं।
क्षेत्र में खुशी की लहर
विश्वजीत की इस ऐतिहासिक जीत से उनके गृह क्षेत्र सिरोही में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग और उनके परिवार को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उनकी यह सफलता विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
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