जयपुर | राजस्थान में जनगणना 2027 की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को राज्य में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
राजस्थान जनगणना 2027: जयपुर नंबर 1: राजस्थान जनगणना 2027: जयपुर बना नंबर 1, मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना कार्यों की समीक्षा की। जयपुर 21.4% के साथ राज्य में अव्वल रहा।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान में जनगणना 2027 के पहले चरण की समीक्षा बैठक में जयपुर जिला 21.4% स्व-गणना के साथ प्रथम स्थान पर रहा।
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु CMMS डैशबोर्ड और HLBC ऐप के उपयोग का निर्देश दिया।
- राज्य के 1.33 लाख ब्लॉक्स में से 81 हजार ब्लॉक्स में अभी मकान सूचीकरण का फील्ड कार्य शुरू होना बाकी है।
- सीकर जिला 11.2 प्रतिशत परिवारों की स्व-गणना करवा कर राज्य में दूसरे पायदान पर अपनी जगह बनाने में सफल रहा।
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तकनीक और डेटा की गुणवत्ता पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला जनगणना अधिकारियों को CMMS डैशबोर्ड पर फील्ड कार्य की सक्रिय निगरानी और सघन निरीक्षण करना चाहिए।
बैठक में HLBC वेब ऐप के माध्यम से सेटेलाइट इमेजरी का उपयोग करने पर जोर दिया गया। इससे छूटे हुए स्थानों और भवनों को गणना में शामिल किया जा सकेगा ताकि कोई भी घर छूट न जाए।
जयपुर और सीकर ने मारी बाजी
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स्व-गणना के मामले में जयपुर जिले ने शानदार प्रदर्शन किया है। जयपुर 21.4 प्रतिशत यानी लगभग 32 लाख परिवारों की स्व-गणना पूर्ण कर राज्य में पहले स्थान पर काबिज रहा है।
सीकर जिला भी पीछे नहीं रहा और 11.2 प्रतिशत परिवारों की स्व-गणना के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मुख्य सचिव ने जयपुर के अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्द्धन किया।
81 हजार ब्लॉक्स के लिए सख्त आदेश
समीक्षा में पाया गया कि राज्य के 1.33 लाख ब्लॉक्स में से 81 हजार ब्लॉक्स में अभी काम शुरू नहीं हुआ है। मुख्य सचिव ने इन क्षेत्रों में तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा, "जनगणना जन कल्याण का महापर्व है। राज्य के निवासी प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना अमूल्य योगदान अवश्य प्रदान करें।"
प्रगणकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्व-गणना करने वाले परिवारों से SE ID प्राप्त कर उनका शत-प्रतिशत सत्यापन करें। अब तक राज्य के 15 लाख परिवारों ने प्रश्नावली भरी है।
भविष्य की योजनाओं का आधार
जनगणना से प्राप्त आंकड़े राज्य की भावी विकास योजनाओं और जन कल्याणकारी नीतियों का मुख्य आधार बनेंगे। प्रशासन अब छूटे हुए ब्लॉक्स में काम पूरा करने के लिए मिशन मोड में है।
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