राजनीति

चीफ सेक्रेटरी पर सस्पेंस: राजस्थान के चीफ सेक्रेटरी पर फैसला PM मोदी करेंगे, रहेंगे या हटेंगे?

desk · 28 जुलाई 2026, 01:39 दोपहर
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के सेवा विस्तार पर सस्पेंस! भजनलाल सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी।

जयपुर |

राजस्थान की नौकरशाही में इस समय हलचल तेज है। सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वर्तमान मुख्य सचिव (CS) वी. श्रीनिवास अपने पद पर बने रहेंगे या उनकी जगह कोई नया अधिकारी लेगा। इसका अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिससे जयपुर से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

वी. श्रीनिवास का कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है और इसी दिन वे सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

भजनलाल सरकार ने क्यों भेजा एक्सटेंशन का प्रस्ताव?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने वी. श्रीनिवास को एक साल का सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के बाद शासन सचिवालय से लेकर दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक तक लॉबिंग तेज हो गई है।

प्रशासनिक निरंतरता है बड़ी वजह

जानकारों का मानना है कि सरकार के इस कदम के पीछे ठोस प्रशासनिक कारण हैं। राजस्थान में जल्द ही पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं। सरकार का मानना है कि इन चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए श्रीनिवास जैसे अनुभवी प्रशासक का पद पर रहना जरूरी है।

इसके अलावा, हाल ही में हुए 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इन बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रशासनिक निरंतरता चाहती है।

पीएम मोदी और शाह की पसंद

यह भी कहा जाता है कि 1989 कैडर के IAS वी. श्रीनिवास की कार्यशैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पसंद करते हैं। केंद्र की योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन में उनका ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है।

अंतिम फैसला प्रधानमंत्री की कमेटी करेगी

मुख्य सचिव के सेवा विस्तार की प्रक्रिया पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन होती है।

चूंकि राजस्थान और केंद्र, दोनों जगह एक ही पार्टी की सरकार है और श्रीनिवास के केंद्र में अच्छे संपर्क हैं, इसलिए उनके एक्सटेंशन की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

अगर एक्सटेंशन नहीं मिला तो कौन होगा नया CS?

यदि किसी कारण से सेवा विस्तार का प्रस्ताव मंजूर नहीं होता है, तो अगले मुख्य सचिव की दौड़ में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

रेस में शामिल प्रमुख नाम:

अभय कुमार (1992 बैच): वरिष्ठता के आधार पर वे सबसे मजबूत दावेदार हैं और अगस्त 2028 में रिटायर होंगे।

अपर्णा अरोड़ा (1993 बैच): यदि वे चुनी जाती हैं, तो राज्य की शीर्ष महिला प्रशासनिक प्रमुख होंगी। वे 2029 में सेवानिवृत्त होंगी।

अखिल अरोड़ा (1993 बैच): उन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माना जाता है।

शिखर अग्रवाल (1993 बैच): मुख्यमंत्री कार्यालय में उनका गहरा प्रभाव है, जिससे वे भी एक मजबूत दावेदार हैं।

रजत कुमार मिश्रा (1992 बैच) और तन्मय कुमार (1993 बैच): ये दोनों अधिकारी फिलहाल दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर हैं, लेकिन इनके नामों पर भी विचार किया जा सकता है।

पहले भी मिल चुका है एक्सटेंशन

यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान में किसी मुख्य सचिव को सेवा विस्तार दिया जा रहा है। इससे पहले, कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन मुख्य सचिव उषा शर्मा को भी केंद्र से 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था। उन्हें 30 जून को रिटायर होना था, लेकिन उन्हें अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया था।

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