राजस्थान

लोक सेवकों को सीएम का सेवा मंत्र: लोक सेवा दिवस: सीएम भजनलाल ने अधिकारियों को दिया सेवा का मंत्र

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 23 अप्रैल 2026, 05:12 शाम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोक सेवकों से अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया।

जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोक सेवा दिवस के अवसर पर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को नई ऊर्जा और संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए।

जयपुर के एचसीएम रीपा में आयोजित इस विशेष समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रशासन की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य ध्येय अंत्योदय यानी समाज के सबसे गरीब व्यक्ति का उत्थान करना है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री ने लोक सेवकों से उत्कृष्टता और नवाचार के साथ कर्तव्य के उच्च मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को हमें प्रदेश में लागू करना है।

अधिकारियों के लिए सीएम का खास विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवकों को कर्तव्य के उच्च मानकों को बनाए रखना चाहिए। उन्हें नवाचार और करुणा के साथ आम जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा ताकि लोकतंत्र मजबूत हो।

प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनों को याद किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने एक ऐसे प्रशासन की कल्पना की थी जो देश की अखंडता का रक्षक हो।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लोक सेवकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना चाहिए।

"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोक सेवकों से उत्कृष्टता, करुणा और नवाचार के साथ कर्तव्य के उच्च मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया है ताकि हर नागरिक को न्याय मिल सके।"

उन्होंने कहा कि लोक सेवकों का कार्य केवल फाइलों का निस्तारण करना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए।

योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान अव्वल

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि राजस्थान केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं में देश में अग्रणी है। लोक सेवकों की मेहनत से प्रदेश 11 योजनाओं में पहले स्थान पर है।

इतना ही नहीं, राजस्थान 5 योजनाओं में दूसरे और 9 योजनाओं में तीसरे स्थान पर काबिज है। यह उपलब्धि अधिकारियों के सतत प्रयासों और योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग का ही सुखद परिणाम है।

मिशन कर्मयोगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण मिल रहा है। यह प्रशिक्षण लोक कल्याणकारी शासन को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करें। डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक ही वह माध्यम है जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है और सेवा वितरण सुधारा जा सकता है।

भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर कड़ा रुख

भजनलाल शर्मा ने पिछली सरकार के समय हुए पेपर लीक के मामलों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले एसआईटी का गठन किया ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।

भ्रष्टाचार और माफियाओं के खिलाफ भी सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे जेल जाना ही होगा।

उन्होंने लोक सेवकों को ईमानदारी से कार्य करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन पारदर्शी होता है, तभी जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ता है और विकास की गति तेज होती है।

विकास और विरासत का अनूठा संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अब विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस हाईवे, सोलर पार्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

'राइजिंग राजस्थान' जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान भी चलाया जा रहा है। यह अभियान स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर 'वोकल फॉर लोकल' को मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारा साझा लक्ष्य है। इसके लिए कृषि, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विशेष नवाचार किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश की जीडीपी बढ़ सके।

उत्कृष्टता के लिए अधिकारियों का सम्मान

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों को सम्मानित किया जिन्होंने अपने क्षेत्र में मिसाल पेश की है। आरती डोगरा और सिद्धार्थ महाजन को शासन श्रेणी में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार दिया गया।

नवाचार और फ्लेगशिप योजनाओं के सफल संचालन के लिए डॉ. खुशाल यादव, रोहिताश्व सिंह और गायत्री राठौड़ जैसे अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों के कार्यों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन पुरस्कारों से अन्य अधिकारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। टीम वर्क और समन्वय से ही हम कुपोषण और अशिक्षा जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकते हैं।

अंत में मुख्यमंत्री ने एक 'विकसित राजस्थान' का सपना साझा किया। उन्होंने कहा कि जब किसान ऊर्जादाता बनेगा और हर बेटी सुरक्षित होगी, तभी प्रदेश का वास्तविक विकास संभव होगा और हम समृद्ध बनेंगे।

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