बांसवाड़ा | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
भजनलाल शर्मा का बांसवाड़ा दौरा: राजस्थान: सीएम भजनलाल शर्मा का कड़ा एक्शन, लापरवाह अधिकारी नपेंगे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांसवाड़ा में विकास कार्यों की समीक्षा की और सुशासन के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त को कार्य में लापरवाही के चलते एपीओ करने के निर्देश दिए।
- अवैध धर्मान्तरण और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
- माही नदी के पानी का एक-एक बूंद सदुपयोग करने और जल आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर।
- बांसवाड़ा में 11-11 हजार चंदन के पौधे लगाकर विकसित किए जाएंगे विशेष चंदन वन।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने तीन दिवसीय बांसवाड़ा और डूंगरपुर प्रवास के दूसरे दिन जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने सुशासन के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर मुख्यमंत्री की पैनी नजर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त दुर्गेश सिंह रावल की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने तुरंत प्रभाव से आयुक्त को हटाने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने आयुक्त को एपीओ करने के आदेश जारी कर दिए। यह कदम अधिकारियों को कार्य के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए उठाया गया है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनता के कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रवार प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी ली और क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए भरसक प्रयास कर रही है और इसमें कहीं कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
जल आत्मनिर्भरता और माही नदी का महत्व
मुख्यमंत्री ने जल स्वावलम्बन को सर्वोपरि बताते हुए माही नदी के पानी के सदुपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माही की एक-एक बूंद का उपयोग सिंचाई और पेयजल के लिए होना चाहिए।
उन्होंने वर्षा काल से पूर्व नहरों और तालाबों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत स्थायी महत्व के कार्यों को गति देने की आवश्यकता जताई गई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को समय पर पूरा करने को कहा।
ग्रामीणों को जल आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय जलाशयों का संरक्षण अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जल संरक्षण की दिशा में नवाचारों को प्रोत्साहित करें।
अवैध धर्मान्तरण और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक गंभीर मुद्दे पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अवैध धर्मान्तरण करवाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, उन्होंने उन सरकारी कार्मिकों को भी चेतावनी दी जो राजनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्रामीण अंचलों का भ्रमण करें और वहां की समस्याओं का स्वतः संज्ञान लेकर समाधान करें।
पर्यवेक्षण और निरीक्षण के कार्य को गंभीरता से लेने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अधिकारी जनता के बीच जाएंगे, तभी वास्तविक समस्याओं का पता चल सकेगा।
शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूलों में प्रवेश और ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बांसवाड़ा में 'चंदन वन' विकसित करने की अनूठी पहल की जा रही है। इसके तहत जिले में 11-11 हजार चंदन के पौधे लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने वन विभाग को वन संरक्षण और संवर्धन के लिए सक्रिय रहने को कहा।
नशे की रोकथाम के लिए भी मुख्यमंत्री ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और भविष्य की योजनाएं
शहर की सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति की स्थिति और समर कंटीन्जेंसी प्लान की भी समीक्षा की।
जल जीवन मिशन के कार्यों में गति लाने और चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मौसमी बीमारियों और हीटवेव प्रबंधन के लिए ऐहतियाती कदम उठाने को कहा।
बांसवाड़ा में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां की स्वस्थ आबोहवा पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है।
किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा आधारित लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली।
बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि राजस्थान का हर क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा। सुशासन और पारदर्शिता ही सरकार का मूल मंत्र है जिसे हर हाल में निभाया जाएगा।
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