राजस्थान

सीएम भजनलाल का जनगणना संदेश: राजस्थान जनगणना 2027: सीएम भजनलाल शर्मा की खास अपील

मानवेन्द्र जैतावत · 29 अप्रैल 2026, 11:07 दोपहर
मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के लिए प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील की है।

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों के नाम एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने 1 मई से शुरू होने वाली जनगणना प्रक्रिया में जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की है।

जनगणना 2027: डिजिटल गवर्नेंस की नई पहल

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में बताया कि आगामी जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसका उद्देश्य राज्य के विकास के लिए सटीक और पारदर्शी डेटा संकलित करना है।राजस्थान में इस प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया है ताकि व्यवस्था सुचारू रहे। पहले चरण में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

स्व-गणना और घर-घर सर्वे का शेड्यूल

1 मई से 15 मई 2026 तक 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की प्रक्रिया चलेगी, जिसमें लोग पोर्टल पर जानकारी भरेंगे। इसके लिए सरकार ने आधिकारिक लिंक https://se.census.gov.in भी जारी किया है।इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे। इस दौरान प्रगणक हर परिवार से मिलकर आवश्यक डेटा संकलित करने का कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री की भावुक अपील और विजन

मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए जनगणना कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि तपती धूप में कर्मी दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुँचकर यह कार्य करेंगे।सीएम ने प्रदेश की 'अतिथि देवो भव' की परंपरा को याद दिलाते हुए सहयोग मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सटीक जानकारी ही भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी।राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। हमारे जनगणना कर्मी तपती धूप में लंबी दूरी तय कर आपके द्वार आएंगे, उन्हें सही जानकारी दें।

सटीक डेटा से साकार होगा 'विकसित राजस्थान'

भजनलाल शर्मा ने जोर दिया कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं बल्कि संसाधनों के बंटवारे का आधार है। सही आंकड़ों के माध्यम से ही पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचेगा।सरकार इस बार डेटा संकलन में 'जीरो एरर' की नीति पर काम कर रही है। डिजिटल एंट्री से डेटा में हेरफेर की गुंजाइश खत्म होगी और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य संभव होंगे।इस महाभियान के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य में कुल 5,277 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में गणना का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।

प्रशासनिक तैयारियां और निगरानी तंत्र

जनगणना कार्य की निगरानी के लिए सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इसमें 4,817 प्रगणक और 780 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो फील्ड में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।38 चार्ज अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें 20 तहसीलदार शामिल हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।जनगणना 2027 के माध्यम से राजस्थान की अनुमानित 35.54 लाख जनसंख्या का डेटा संकलित होगा। यह विशाल डेटाबेस राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के नियोजन में सहायक सिद्ध होगा।अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में भागीदारी की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेशवासियों के सहयोग से राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

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