जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के सुनियोजित और आधुनिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान को गति देने के लिए डिजिटल मैपिंग के उपयोग पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास परियोजनाओं की निगरानी में आधुनिक तकनीक को शामिल करना था।
मुख्यमंत्री का डिजिटल मैपिंग पर जोर: राजस्थान में डिजिटल मैपिंग से होगा गांवों और शहरों का विकास: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान के तहत डिजिटल मैपिंग और पीएम गतिशक्ति के उपयोग पर जोर दिया है, जिससे विकास कार्यों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
HIGHLIGHTS
- विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान के तहत वर्ष 2047 तक का मास्टर प्लान तैयार होगा।
- बीआईएसएजी (एन) के सहयोग से प्रदेश की परियोजनाओं की डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
- पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से विकास कार्यों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
- इस अभियान के दायरे में 14 हजार ग्राम पंचायतें और 10 हजार शहरी वार्ड शामिल हैं।
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2047 तक का विजन और मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान केवल वर्तमान की जरूरतों के लिए नहीं है। इसके माध्यम से वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद गांवों और शहरों के विकास के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए आधार बनेगा।
डिजिटल मैपिंग का महत्व
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में डिजिटल मैपिंग को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में इस्तेमाल किया जाए। बीआईएसएजी (एन) के सहयोग से एक ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया ताकि तकनीक का लाभ धरातल पर दिखे।
डिजिटल मैपिंग के माध्यम से गांवों और शहरों की वास्तविक भौगोलिक स्थिति और वहां की जरूरतों को समझना आसान होगा। इससे संसाधनों का आवंटन और नियोजन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा, जिससे विकास संतुलित होगा।
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पीएम गतिशक्ति और रीयल टाइम मॉनिटरिंग
बैठक के दौरान पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न विभागों की परियोजनाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत किया जा सकता है।
एकीकरण से परियोजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। इससे न केवल कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। संसाधनों के अधिकतम उपयोग से विकास की गति तेज होगी।
अभियान का व्यापक स्वरूप
बता दें कि विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक संचालित किया जा रहा है। इस विशाल अभियान के दायरे में प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
इसके साथ ही, शहरी क्षेत्रों के 10 हजार से अधिक वार्डों को भी इस योजना से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सुनिश्चित करें।
तकनीकी प्रस्तुतीकरण और डेटा एकीकरण
बीआईएसएजी (एन) के महानिदेशक श्री टीपी सिंह ने बैठक में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान जीआईएस आधारित तकनीक का उपयोग करके डेटा इंटीग्रेशन का कार्य करता है।
उन्होंने जानकारी दी कि सड़क, रेल, ऊर्जा और जल जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सटीक लोकेशन मैपिंग की जा रही है। इससे सभी विकास कार्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित करना संभव हो गया है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने तकनीक के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देने के मुख्यमंत्री के विजन की सराहना की।
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