जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध वसूली को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आम जनता को राहत देने के लिए व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
तत्काल एफआईआर और सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति गैस की कालाबाजारी करते या तय कीमत से अधिक वसूलते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। ऐसे संस्थानों के लाइसेंस निरस्त करने में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो एजेंसियां बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, उन्हें चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। इससे बाजार में गलत गतिविधियों पर लगाम लगेगी और ईमानदार वितरकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
शिकायतों का 24 घंटे में समाधान
सीएम ने निर्देश दिए कि एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी किसी भी शिकायत का निपटारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित हो। इसके लिए जिलों में हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने जिला कलेक्टरों को जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी स्तर पर बाधा नहीं आनी चाहिए।
गोदामों का होगा आकस्मिक निरीक्षण
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें अब विशेष अभियान चलाएंगी। ये टीमें गैस एजेंसियों और गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगी और वहां मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेंगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में अंतर मिलने पर संबंधित प्रबंधक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य हर घर तक सुचारु गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है।