माउंट आबू | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू के समग्र विकास के लिए एक व्यापक रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आंतरिक सुरक्षा अकादमी के सीआरपीएफ परिसर में आयोजित अबू विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
माउंट आबू के विकास का खाका तैयार
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि माउंट आबू के लिए एक विशेष और विस्तृत योजना बनाई जाए। इस योजना का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है।
इस रोड मैप के आधार पर ही पर्यटन स्थल का समन्वित रूप से समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम माउंट आबू को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समन्वित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सभी विभाग मिलकर काम करें ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास से ही माउंट आबू का कायाकल्प संभव है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्टि की कि इसके बाद सभी विभाग समन्वित रूप से माउंट आबू के विकास में सहभागी बनेंगे।
इस निर्देश का लक्ष्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल स्थापित करना है, जिससे योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।
क्यों पड़ी विकास की जरूरत?
उल्लेखनीय है कि माउंट आबू लंबे समय से कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें पार्किंग की समस्या, अनियोजित नवनिर्माण और आवासीय मुद्दे प्रमुख हैं।
स्थानीय निवासियों को घर की मरम्मत या शौचालय निर्माण जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था। इन समस्याओं के कारण माउंट आबू का विकास लगभग रुक गया था।
पर्यटकों की घटती संख्या
बुनियादी सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था के कारण माउंट आबू की लोकप्रियता में कमी आई है। नतीजतन, यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है।
अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में माउंट आबू पिछड़ता जा रहा था, जो राज्य के पर्यटन राजस्व के लिए भी चिंता का विषय था।
इस समग्र विकास योजना से न केवल माउंट आबू की पुरानी रौनक लौटेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। उम्मीद है कि यह रोड मैप इस पर्वतीय स्थल को फिर से पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना देगा।
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