राजस्थान

युवाओं के सपनों को भजनलाल का साथ: भजनलाल शर्मा का बड़ा वादा: राजस्थान में 4 लाख नौकरियां और पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस, युवाओं के लिए जारी हुई नई नीति

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 14 अप्रैल 2026, 09:42 सुबह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया है, जिसमें सरकारी नौकरियों के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी शामिल हैं।

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का युवा ही देश की असली ताकत है और वही भविष्य की दिशा तय करेगा। सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'माय भारत बजट क्वेस्ट' और 'राजस्थान यूथ डायलॉग' के दौरान उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब राजस्थान का युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है। सरकार युवाओं के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

युवा शक्ति: विकास का सबसे मजबूत स्तंभ

भजनलाल शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रतिभागियों से बात करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। जब युवा देश की आर्थिक नीतियों को समझने लगते हैं, तो वे अधिक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। 'माय भारत बजट क्वेस्ट' जैसे मंच युवाओं को यही समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने गर्व के साथ बताया कि राजस्थान के युवाओं ने 75 हजार से अधिक प्रतिभागियों के बीच अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी छोटे गांव या कस्बे का युवा इस तरह के बड़े मंच पर पहुंचता है, तो वह केवल अपनी प्रगति नहीं करता, बल्कि अपने पूरे समाज के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आता है।

पेपर लीक पर सर्जिकल स्ट्राइक और पारदर्शिता

युवाओं की सबसे बड़ी चिंता यानी पेपर लीक पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही हमने सबसे पहले एसआईटी (SIT) का गठन किया। इसका परिणाम यह हुआ कि डमी अभ्यर्थी और फर्जी डिग्री बेचने वाले 420 अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है।

शर्मा ने आगे बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने 351 से अधिक परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की हैं। अब युवाओं को अपनी मेहनत पर भरोसा है क्योंकि उन्हें पता है कि उनके हक पर कोई डाका नहीं डाल सकता। सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।

रोजगार के द्वार: 4 लाख भर्तियों का संकल्प

मुख्यमंत्री ने रोजगार के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि सरकार ने 4 लाख भर्तियों का जो संकल्प लिया था, उसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों की सौगात दी जा चुकी है। यह आंकड़ा आने वाले समय में और तेजी से बढ़ेगा।

सिर्फ सरकारी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी सरकार के प्रयासों से 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे युवा उद्यमी बन रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

भविष्य की तकनीक और राजस्थान की संभावनाएं

राजस्थान अब सौर ऊर्जा, पर्यटन, कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल इकोनॉमी और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। सरकार इन क्षेत्रों में युवाओं को हर संभव तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

उन्होंने बजट पूर्व संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के सुझावों को सरकार ने बजट में प्राथमिकता दी है। विकसित राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। राजस्थान संभावनाओं से भरा प्रदेश है और यहां के युवाओं में उन संभावनाओं को सच करने का साहस है।

कौशल विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान

युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने 'राज्य कौशल नीति-2025' और 'राजस्थान युवा नीति-2025' लागू की है। शर्मा ने बताया कि युवाओं के करियर मार्गदर्शन के लिए कोटा, जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और अजमेर में 'युवा साथी केंद्र' खोले गए हैं। ये केंद्र युवाओं को सही दिशा दिखाने का काम करेंगे।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को तनाव से बचाने के लिए 'राज ममता' कार्यक्रम शुरू किया गया है। साथ ही, कोचिंग सेंटरों के लिए विशेष कानून बनाया गया है ताकि छात्र तनावमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें और अवसाद जैसी समस्याओं से बच सकें।

विकसित भारत की नींव में युवाओं का योगदान

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में 1 लाख 'यंग लीडर्स' तैयार करने का लक्ष्य है। 'माय भारत' अभियान इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह युवाओं को करियर के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद कर रहा है।

इस भव्य कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और सांसद मदन राठौड़ भी मौजूद रहे। 900 से अधिक चयनित प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार साझा किए और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की।

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