राजस्थान

ब्याज माफी योजना: लाभ का आखिरी मौका: मुख्यमंत्री ब्याज राहत योजना: ऋणी किसानों के लिए सुनहरा अवसर, 31 मार्च तक उठाएं 100% ब्याज माफी का लाभ

मानवेन्द्र जैतावत · 29 मार्च 2026, 06:54 शाम
राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई अवधिपार ब्याज राहत योजना का लाभ उठाने के लिए अब केवल दो दिन शेष हैं। पात्र ऋणी सदस्य 31 मार्च तक सहकारी भूमि विकास बैंक में संपर्क कर अपना बकाया चुका सकते हैं।

जयपुर | राजस्थान में भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत लाभ प्राप्त करने का यह अंतिम अवसर है। योजना की समय सीमा 31 मार्च को समाप्त हो रही है। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र दो दिन शेष हैं। इसमें भी केवल एक ही कार्य दिवस बचा है। इस कल्याणकारी योजना के लाभ से अब तक वंचित रहे ऋणी सदस्य 31 मार्च से पूर्व ऑनलाइन रसीद प्राप्त कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार इसकी अवधि आगे नहीं बढ़ाएगी।

योजना की पृष्ठभूमि और बजट

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 12 मार्च, 2025 को विधानसभा में की गई घोषणा के क्रम में यह योजना लागू की गई थी। भूमि विकास बैंकों के ऋणी किसानों के हित में 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि योजना की अवधि अब आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसलिए पात्र सदस्यों को तत्काल अपने जिले के सहकारी भूमि विकास बैंक में संपर्क करना चाहिए।

किसे मिलेगा कितना लाभ?

योजना के अंतर्गत किसानों एवं लघु उद्यमियों से केवल मूल ऋण और बीमा प्रीमियम ही लिया जा रहा है। इसके अलावा 1 जुलाई, 2024 के बाद की ब्याज राशि ही देय होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 30 जून, 2024 तक के बकाया पर शत-प्रतिशत अवधिपार ब्याज माफ किया गया है। इसके साथ ही दण्डनीय ब्याज की पूरी राशि भी राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।

अंतिम अवसर का लाभ उठाएं

योजना की अवधि पूर्व में भी तीन-तीन माह के लिए राज्य सरकार द्वारा बढ़ाई गई थी। अब इसे अंतिम रूप से 31 मार्च तक रखा गया है। पात्र ऋणी सदस्य इस अवसर को न चूकें। ऋणी सदस्य अपनी बकाया राशि जमा करवाकर ब्याज माफी का प्रमाण पत्र प्राप्त करें। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों को ऋण मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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