बीकानेर | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत, पात्र दिव्यांगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना की पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार उसमें कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होनी चाहिए।
आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदक के स्वयं एवं परिवार की कुल वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कैसे और किन व्यवसायों के लिए मिलेगा ऋण?
ऋण राशि पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। समय पर ऋण चुकाने वालों को ब्याज दर में 5 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी।
इच्छुक व्यक्ति किराना स्टोर, टेलरिंग शॉप, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग, टी हाउस और पुस्तक-स्टेशनरी जैसे कई छोटे व्यवसायों के लिए यह ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
पात्र दिव्यांगजन एसएसओ पोर्टल पर डीएसएपी पोर्टल के माध्यम से या किसी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना का प्रभाव
यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।
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