राजस्थान

कमर्शियल सिलेंडर फिर हुआ महंगा: राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर फिर महंगा, ₹42 की बढ़ोतरी

Pradeep Beedawat · 01 जून 2026, 11:00 दोपहर
पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर 42 रुपए बढ़ाए। घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे।

जयपुर | राजस्थान में आम लोगों और व्यापारियों पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोलियम कंपनियों ने रविवार रात को गैस की कीमतों की समीक्षा के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए हैं। इस बार कीमतों में 42 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है।

नई बढ़ोतरी के बाद, राज्य में 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर अब 3141 रुपए में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 3099 रुपए थी। यह नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ जाएगी।

घरेलू उपभोक्ताओं को मिली राहत

इस बढ़ोतरी के बीच आम आदमी के लिए एक राहत की खबर है। कंपनियों ने घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। घरेलू सिलेंडर पहले की तरह 916.50 रुपए में ही मिलता रहेगा।

राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने इस बढ़ोतरी की पुष्टि की है।

दीपक गहलोत ने बताया, "कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, जिसकी नई रेट लिस्ट जारी की है। नई रेट लिस्ट के मुताबिक, राजस्थान में आज से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर पर 3099 रुपए के बजाए अब 3141 रुपए में मिलेगा।"

6 महीने में ₹1532 महंगा हुआ सिलेंडर

इस साल की शुरुआत से ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार आग लगी हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने इस साल 6 से ज्यादा बार दाम बढ़ाए हैं। 31 दिसंबर को जो सिलेंडर 1608 रुपए का था, वह अब 3141 रुपए का हो गया है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो सिर्फ 6 महीने के भीतर ही सिलेंडर की कीमत में 1532 रुपए का भारी इजाफा हो चुका है। कंपनियों ने जनवरी में 111 रुपए, फरवरी में 49.50 रुपए, मार्च में 141.50 रुपए, अप्रैल में 195 रुपए, मई में 993 रुपए और अब जून में 42 रुपए की बढ़ोतरी की है।

कीमतों में इस लगातार वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) के बढ़ते दाम को बताया जा रहा है, जो अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के बाद से प्रभावित हुआ है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाने-पीने की चीजों और अन्य सेवाओं पर पड़ सकता है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ सकता है।

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