राजस्थान

राजस्थान पंचायत चुनाव: कांग्रेस ने 152 समन्वयकों की जंबो सूची जारी की

बलजीत सिंह शेखावत · 09 अक्टूबर 2026, 12:24 दोपहर
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए 152 पंचायत समितियों में समन्वयकों की नियुक्ति की है। इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों की सुगबुगाहट तेज होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है।

धरातल पर व्यूह रचना शुरू कर दी गई है ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को मजबूत किया जा सके।

कांग्रेस की बड़ी संगठनात्मक तैयारी

इसी कड़ी में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देते हुए एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश और 'ग्रीन सिग्नल' मिलने के बाद यह सूची जारी की गई है।

पार्टी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए समन्वयकों की एक जंबो सूची जारी कर दी है।

कांग्रेस के इस ताजा कदम से स्पष्ट है कि पार्टी इस बार ग्रामीण चुनावों में किसी भी तरह की सुस्ती बरतने के मूड में नहीं है।

152 पंचायत समितियों के लिए विशेष नियुक्तियां

जारी की गई इस सूची के तहत प्रदेश की 152 पंचायत समितियों के लिए विशेष तौर पर समन्वयकों की नियुक्तियां की गई हैं।

ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू भी हो चुकी हैं, जिससे चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

पार्टी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर आपसी तालमेल को बेहतर करना और स्थानीय कार्यकर्ताओं में जोश भरना है।

इसके अलावा टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रबंधन तक की हर बारीकी पर पैनी नजर रखना भी इन नियुक्तियों का लक्ष्य है।

अनुशासित और आक्रामक चुनावी रणनीति

इन नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह गांवों की सरकार पर पकड़ मजबूत करने के लिए तैयार है।

पार्टी पूरी तरह से अनुशासित और आक्रामक रणनीति के तहत मैदान में उतरने जा रही है।

शहरी निकाय चुनावों के अनुभवों से सबक लेते हुए कांग्रेस इस बार पंचायती राज चुनावों में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

ग्रामीण इलाकों में पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के भीतरघात या असंतोष को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

समन्वयकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

इन 152 जिला समन्वयकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि चुनावी प्रबंधन को सुचारू बनाया जा सके।

ये समन्वयक सीधे तौर पर जिला मुख्यालयों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेंगे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन समन्वयकों का मुख्य कार्य ग्राउंड जीरो पर जाकर चुनावी तैयारियों का जायजा लेना है।

डोटासरा की सीधी निगरानी में चुनाव प्रबंधन

चूंकि आचार संहिता लगने के बाद से ही गांवों में राजनीतिक पारा चढ़ चुका है, ऐसे में इन समन्वयकों की भूमिका अहम है।

प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा खुद इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

जिला समन्वयकों की इस जंबो लिस्ट के जरिए कांग्रेस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पार्टी की आवाज मजबूती से पहुंचे।

विरोधियों की हर चाल का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर पंचायत समिति स्तर पर तैयारी की गई है।

आने वाले दिनों में ये तमाम समन्वयक अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और चुनावी बैठकों का दौर शुरू करेंगे।

देखना यह होगा कि कांग्रेस का यह जमीनी प्रबंधन आगामी पंचायत चुनावों में पार्टी को कितनी राजनीतिक बढ़त दिला पाता है।

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