जयपुर | राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना 'सेल्फ ब्रांडिंग' और 'व्यक्तिवाद' पर तीखा हमला बोला है, जिससे पार्टी का सियासी पारा अचानक गर्म हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटनाक्रम गुरुवार को उस समय हुआ जब वागड़ के वरिष्ठ नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के लगभग 300 से 400 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराने जयपुर पहुंचे थे।
हालांकि, ये कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय में औपचारिक जॉइनिंग से पहले सीधे अशोक गहलोत के सिविल लाइंस स्थित बंगले पर चले गए।
गहलोत के बंगले पर 'पावर शो'
गहलोत के आवास पर, उन्होंने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाया। इसी दौरान समर्थकों ने "अशोक गहलोत को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाओ" के नारे भी लगाए।
इस 'पावर शो' से डोटासरा बेहद नाराज हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यक्तिगत ब्रांडिंग की वजह से ही पार्टी को बार-बार हार का सामना करना पड़ता है।
डोटासरा का तीखा बयान
जब कार्यकर्ता गहलोत के आवास से पीसीसी मुख्यालय पहुंचे, तो डोटासरा ने आक्रामक रुख अपना लिया।
उन्होंने कहा, "किसी व्यक्ति को अपनी ब्रांडिंग की चिंता हो तो वह उनको मुबारक हो। गोविंद सिंह डोटासरा सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए काम करता है।"
डोटासरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि व्यक्तिवाद और खुद को पार्टी से बड़ा दिखाने की होड़ ने कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाया है।
अशोक गहलोत ने दी सफाई
मामला बढ़ता देख अगले ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की।
'यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात थी'
गहलोत ने कहा कि उनके घर पर कोई आधिकारिक जॉइनिंग कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह कार्यकर्ताओं के आग्रह पर एक शिष्टाचार मुलाकात थी।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को 500 किलोमीटर दूर से आने के लिए मना किया था।
गहलोत ने स्पष्ट किया, "न तो अध्यक्ष जी को कोई नाराजगी है और न ही मुझे। डोटासरा को जो बात महसूस हुई, उन्होंने अपनी बात रख दी।"
पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि देश को कांग्रेस की जरूरत है और राजस्थान में पार्टी एकजुट होकर लड़ेगी और दोबारा सरकार बनाएगी।
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