राजस्थान

अफसरों के लिए 'टू-डू लिस्ट' अनिवार्य: राजस्थान सहकारिता विभाग में 'टू-डू लिस्ट' से तय होगी अफसरों की ग्रेडिंग, डॉ. समित शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 14 अप्रैल 2026, 09:35 सुबह
सहकारिता सचिव डॉ. समित शर्मा ने अधिकारियों की 'टू-डू लिस्ट' की समीक्षा की। अब कार्यों की प्रगति और समयसीमा के आधार पर अधिकारियों का वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा।

जयपुर | राजस्थान के सहकारिता विभाग में अब काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने अधिकारियों के लिए 'टू-डू लिस्ट' को अनिवार्य कर दिया है।

पारदर्शिता और गति पर जोर

डॉ. शर्मा ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उनके द्वारा तैयार की गई टू-डू लिस्ट की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर काम समय पर होना चाहिए। उनका मानना है कि एक व्यवस्थित लिस्ट से अधिकारियों को अपने लक्ष्यों के प्रति स्पष्टता मिलेगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आएगी।

क्या होगा लिस्ट में शामिल?

अधिकारियों को अपनी लिस्ट में सिर्फ कार्यों के नाम ही नहीं, बल्कि उनकी वर्तमान प्रगति भी लिखनी होगी। इसके साथ ही आगामी कार्ययोजना और संभावित समय का उल्लेख भी जरूरी है। डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि अधिकारी 'फ्यूचर प्लान ऑफ एक्शन' पर विशेष ध्यान दें। इससे विभाग में समय पर काम पूरा करने की एक नई कार्य संस्कृति विकसित होगी।

ग्रेडिंग से तय होगा प्रदर्शन

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब अधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसी समीक्षा के आधार पर उनकी ग्रेड निर्धारित की जाएगी, जो वार्षिक मूल्यांकन का आधार बनेगी। वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपने स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई पहल से राजस्थान सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार की उम्मीद है।

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