thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सहकारी घोटालों पर जीरो टॉलरेंस: राजस्थान: सहकारी समितियों में घोटालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने गबन के मामलों में सख्त कार्यवाही और ऑडिट के कड़े निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  • सहकारी समितियों में गबन और घोटालों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
  • सभी समितियों की ऑडिट जून माह तक और आमसभा सितंबर माह तक पूरी करना अनिवार्य होगा।
  • गबन के मामलों में आरोपियों और उनके परिवारों की संपत्ति कुर्क कर वसूली की जाएगी।
  • पैक्स स्तर तक आधार आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस और शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण लागू होगा।
rajasthan cooperative scams zero tolerance policy gautam kumar dak

जयपुर | राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियों में किसी भी प्रकार का गबन बर्दाश्त नहीं होगा।

समयबद्ध ऑडिट और पारदर्शिता पर जोर

मंत्री दक ने जयपुर के अपेक्स बैंक सभागार में आयोजित 'सहकारिता में सहकार' कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी समितियों की ऑडिट जून माह से पहले अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।

समितियों की आमसभा सितंबर माह से पूर्व सम्पन्न होनी चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आमसभा की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। इससे गबन और घोटालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

आमसभा के आयोजन की सूचना समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से दी जाएगी। बैठक में समिति की संपत्ति और कुल जमा राशि की जानकारी सार्वजनिक करना अब अनिवार्य कर दिया गया है।

दोषियों के खिलाफ होगी एफआईआर और वसूली

सहकारिता मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि जो समितियां ऑडिट के लिए रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा रही हैं, उनके विरुद्ध तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाए। भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढिलाई नहीं होगी।

गबन के सभी मामलों में शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाएगी। अनियमितता करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार की संपत्ति को भी अटैच करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

सहकारी समितियों में गबन-घोटालों के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे प्रकरण सामने आने पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

ऋण वितरण और बैंकिंग विस्तार के निर्देश

राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने ऋणों की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए। नए आवेदकों को ऋण देने में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को कहा गया है।

ऋण वितरण में कमीशन लेने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री ने ऋण प्राप्त करने वाले परिवारों से सीधा फीडबैक लेने और बिचौलियों को सिस्टम से बाहर करने के निर्देश दिए।

सहकारी बैंकों की पहुंच बढ़ाने के लिए नई शाखाएं खोलने के निर्देश दिए गए हैं। बैंकों को नए खाते खोलने, जमा राशि बढ़ाने और अकृषि ऋण वितरण पर विशेष ध्यान देना होगा।

आधुनिक तकनीक और पैक्स कम्प्यूटराइजेशन

सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए पैक्स (PACS) स्तर पर आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू होगा। साथ ही शत-प्रतिशत डायनामिक डे-एंड रिपोर्टिंग को भी अनिवार्य बनाया गया है।

कार्यशाला में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने 'म्हारो खातो, म्हारो बैंक' विषय पर चर्चा की। उन्होंने सक्रिय दुग्ध सहकारी समितियों के खाते सहकारी बैंकों में ही खोलने पर विशेष जोर दिया।

राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी ने कहा कि दुग्ध समितियों के वित्तीय लेन-देन सहकारी बैंकों के माध्यम से होना जरूरी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती और पारदर्शिता मिलेगी।

सहकार से समृद्धि का संकल्प

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने गुजरात के बनासकांठा मॉडल का उदाहरण दिया। उन्होंने राज्य की सहकारी संस्थाओं को आपसी सामंजस्य के साथ प्रगति करने की सलाह दी।

कार्यशाला में नाबार्ड, डेयरी, मत्स्य पालन और अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को इन निर्देशों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी दी गई है।

सहकारिता क्षेत्र में लाए जा रहे ये सुधार किसानों और पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन से सहकारी संस्थाओं की साख और जनता का विश्वास फिर से बहाल होगा।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: