जयपुर | राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में राज्य सहकारी विकास समिति (एससीडीसी) की 9वीं महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को लेकर चर्चा की।
सहकारिता से समृद्धि की नई राह: सहकारिता में राजस्थान का जलवा: मुख्य सचिव ने की समीक्षा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश।
HIGHLIGHTS
- ई-ट्रांजेक्शन के मामले में 9.60 करोड़ के आंकड़े के साथ राजस्थान देश में पहले स्थान पर है।
- विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के तहत 100 में से 98 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हुआ।
- राज्य में 1,811 नवीन एम-पैक्स और 3,434 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया गया है।
- मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना की सब्सिडी अब सीधे सहकारी बैंक खातों में भेजने पर विचार।
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मुख्य सचिव ने प्रदेश में कृषि, डेयरी और सहकारिता विभाग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों में तेजी लाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता का सहारा लें।
राजस्थान में सहकारिता का नया अध्याय
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना राजस्थान के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। इसके तहत गोदामों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इन गोदामों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। इससे किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
डेयरी क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने नवीन डेयरी सहकारी समितियों के गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य बताया गया है।
अन्न भण्डारण और बुनियादी ढांचा
विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए घोषित 100 गोदामों में से 98 का निर्माण पूरा हो चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
शेष गोदामों और आगामी वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित गोदामों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्य सचिव ने कहा कि बेहतर कार्य कर रही समितियों को चिह्नित किया जाए। उनके द्वारा किए गए नवाचारों को अन्य समितियों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
"राज्य सरकार का ध्येय सहकारिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करना है। प्रदेश में सहकारी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।"
डेयरी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
राज्य में अब तक 3,434 नई डेयरी सहकारी समितियां गठित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 31 नई मत्स्य समितियों का भी गठन किया गया है।
मुख्य सचिव ने 'सहकारिता में सहकार' पहल के तहत डेयरी समितियों के खाते सहकारी बैंकों में खोलने पर जोर दिया। इससे डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना की सब्सिडी को भी सहकारी बैंक खातों के माध्यम से हस्तांतरित करने का सुझाव दिया। इससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
डिजिटल क्रांति और बैंकिंग सुधार
सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना में राजस्थान शानदार प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 6,526 पैक्स गो-लाइव हो चुके हैं।
राज्य की 4,392 पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। वहीं 68 पैक्स अब एफपीओ के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 6,965 पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर और ई-मित्र कियोस्क के रूप में ऑनबोर्ड किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की उपलब्धियां
डॉ. शर्मा ने गर्व के साथ बताया कि राजस्थान ई-ट्रांजेक्शन के मामले में 9.60 करोड़ के आंकड़े के साथ देश में पहले स्थान पर है। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है।
बीबीएसएसएल की सदस्यता दिलाने के मामले में भी राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर काबिज है। राज्य की सहकारी टीमें जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।
पैक्स को गो-लाइव करने में राजस्थान देश में दूसरे और ई-पैक्स की संख्या में तीसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजस्थान सहकारिता में अग्रणी है।
भावी नवाचार: सहकार वन और भारत टैक्सी
जयपुर में 'सहकार वन' विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता के संगम का एक अनूठा उदाहरण पेश करेगा।
इसके साथ ही जयपुर शहर में जल्द ही 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। यह सेवा सहकारी ढांचे के तहत संचालित की जाएगी।
डेयरी समितियों को बैंक मित्र नियुक्त कर माइक्रो एटीएम वितरित किए जा रहे हैं। भारत सरकार ने राजस्थान को इसके लिए चार 'फोकस स्टेट' में शामिल किया है।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सहकारिता ही ग्रामीण विकास और समृद्धि का असली आधार है।
इस बैठक में वित्त, पशुपालन, कृषि और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर भविष्य की योजनाओं पर अपनी सहमति व्यक्त की।
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