राजस्थान

अब घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस: राजस्थान में अब घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस: कॉलोनियां बनेंगी LPG फ्री जोन, जानें सरकार का नया मास्टर प्लान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 17 अप्रैल 2026, 04:39 दोपहर
राजस्थान सरकार ने प्रदेश में पाइप वाली रसोई गैस (DPNG) के विस्तार के लिए कमर कस ली है। अब कॉलोनियों को चरणबद्ध तरीके से एलपीजी मुक्त बनाया जाएगा और घर-घर सुरक्षित गैस पहुंचाई जाएगी।

जयपुर | राजस्थान के घरों में अब रसोई गैस सिलेंडर का झंझट खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने पाइप वाली गैस यानी डीपीएनजी (DPNG) के विस्तार के लिए बड़े निर्देश दिए हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने हाल ही में सीजीडी संस्थाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने प्रदेश को हरित ऊर्जा से जोड़ने पर जोर दिया।

सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की कॉलोनियों को चरणबद्ध तरीके से 'एलपीजी फ्री जोन' घोषित करना है। इससे लोगों को 24 घंटे सुरक्षित और सस्ती गैस मिल सकेगी।

घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस

एसीएस अपर्णा अरोरा ने निर्देश दिए हैं कि सीजीडी संस्थाएं अवेयरनेस अभियान चलाएं। लोगों को पाइपलाइन गैस के फायदों के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वे इससे जुड़ सकें।

पिछले 15 दिनों में करीब 6 हजार परिवारों को नए डीपीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। अगले 15 दिनों में 8500 और परिवारों को इस सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही पीएनजी सुविधाओं के विस्तार पर फोकस कर रही हैं। इसके लिए बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीजीडी संस्थाओं के साथ नियमित बैठकें करें। प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे ताकि काम में तेजी आए।

जिन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, वहां विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए मौके पर ही गैस कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे निवासियों को आसानी होगी।

शिविर की पूर्व जानकारी लोगों को दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें। सरकार का लक्ष्य हर घर तक सुरक्षित गैस पहुंचाना है।

औद्योगिक क्षेत्रों पर भी फोकस

सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों को भी पीएनजी से जोड़ा जाएगा। पाली के टेक्सटाइल क्लस्टर, कोटा, भीलवाड़ा और रीको क्षेत्रों में गैस आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, हॉस्टल, ढाबों, अस्पतालों और रेस्टोरेंट को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पर्यावरण को भी लाभ होगा और ईंधन की लागत में भी कमी आएगी।

भिवाड़ी, गिलोत और महिंद्रा सेज जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में भी पीएनजी सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जाएगा। इससे उद्योगों को क्लीन एनर्जी मिल सकेगी।

युवाओं को मिलेगा रोजगार

गैस कनेक्शन के काम में तेजी लाने के लिए प्रशिक्षित पलम्बरों की मदद ली जाएगी। आरएसएलडीसी द्वारा प्रशिक्षित युवाओं की सूची कंपनियों को मुहैया कराई जा रही है।

इन युवाओं को गैस कनेक्शन का विशेष प्रशिक्षण देकर काम पर लगाया जाएगा। इससे न केवल गैस विस्तार का काम तेज होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

बैठक में संयुक्त सचिव खान नम्रता वृष्णि और राजस्थान स्टेट गैस के एमडी विनय पाटनी ने भी प्रगति रिपोर्ट पेश की। सरकार अब पूरी तरह से 'क्लीन एनर्जी' की ओर बढ़ रही है।

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