राज्य

428 अधिकारियों का वेतन अटका: शिक्षा विभाग: 428 अधिकारियों का वेतन दूसरे स्कूल से मिलेगा

महेन्द्रसिंह शेखावत · 07 अगस्त 2026, 04:46 दोपहर
शिक्षा विभाग ने पदविरुद्ध पदस्थापन की विसंगतियों के चलते 428 अधिकारियों का वेतन अन्य विद्यालयों से आहरित करने का आदेश जारी किया है। यह एक विशेष व्यवस्था है।

बीकानेर |  राजस्थान में हाल ही में स्थानांतरणों पर से प्रतिबंध हटने के बाद बड़ी संख्या में हुए तबादलों ने एक नई प्रशासनिक चुनौती खड़ी कर दी है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों का पदस्थापन पदविरुद्ध हो गया है, जिससे उनके वेतन भुगतान में समस्या उत्पन्न हो गई है।

इस स्थिति से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने राजस्थान शिक्षा सेवा के 428 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन आहरण के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की है।

क्यों लागू हुई विशेष वेतन व्यवस्था?

शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक जयदीप द्वारा जारी एक आदेश में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, इन 428 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन अब उनके वर्तमान कार्यस्थल से आहरित नहीं किया जाएगा।

इसके बजाय, विभाग द्वारा निर्देशित किसी अन्य विद्यालय अथवा कार्यालय से उनके वेतन का भुगतान किया जाएगा। विभाग ने इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।

विभाग ने बताई मजबूरी

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था एक विभागीय मजबूरी के तहत लागू की गई है। पदस्थापन में उत्पन्न हुई विसंगतियों के कारण यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।

जानकारी के अनुसार, मूल पदों की वेतन व्यवस्था प्राचार्य, उप प्राचार्य (उच्च माध्यमिक विद्यालय) और समकक्ष स्तर के शिक्षा अधिकारियों के पदों के विरुद्ध की गई है।

वेतन आहरण के लिए सख्त निर्देश

संयुक्त निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी कार्मिक का वेतन आहरित करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल की जाए।

निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लिए गए अवकाश, उसकी विधिवत स्वीकृति और उसकी उपस्थिति का पूरी तरह से सत्यापन करना अनिवार्य है।

बिना अवकाश की स्वीकृति और उपस्थिति की जांच के किसी भी कर्मचारी का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य इस आदेश के माध्यम से वेतन भुगतान प्रक्रिया को नियमित बनाए रखना और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाना है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)