जोधपुर | राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में एक नया सवेरा होने वाला है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। जोधपुर के बोरानाडा स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में संसदीय कार्य और विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने शिक्षा क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए। यह कार्यक्रम लूणी विधानसभा क्षेत्र के धवा, लूणी और केरू ब्लॉक के राजकीय एवं गैर राजकीय संस्था प्रधानों के लिए आयोजित 'सत्रारंभ वाक्पीठ—2026' का उद्घाटन समारोह था।
2000 करोड़ का भारी-भरकम फंड
मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार शैक्षणिक उन्नयन के लिए कटिबद्ध है। बजट घोषणा के अनुसार स्कूलों के विकास के लिए ₹2000 करोड़ का फंड बनेगा। इस 'विद्यालय आधारभूत संरचना कोष' के माध्यम से स्कूलों की इमारतों को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ने के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
व्यावसायिक शिक्षा और 'स्कूल टू वर्क'
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत अब बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ हुनरमंद भी बनाया जाएगा। इसके लिए ₹51.10 करोड़ की लागत से 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी। 'स्कूल टू वर्क' कार्यक्रम के तहत हर जिले में एक स्कूल को उन्नत व्यावसायिक उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
हर जिले में 'स्कूल ऑन व्हील्स'
मंत्री ने एक बेहद संवेदनशील पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घुमन्तू और अर्द्ध-घुमन्तू समुदाय के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘राज पहल’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ स्थापित किया जाएगा। यह चलता-फिरता स्कूल उन बच्चों तक पहुंचेगा जो औपचारिक शिक्षा से अब तक वंचित रहे हैं।
एआई लैब्स और सीएम-राइज स्कूल
तकनीक के इस दौर में राजस्थान के बच्चे पीछे न रहें, इसलिए 1000 स्कूलों में एआई (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स बनाई जाएंगी। यह कदम बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाएगा। साथ ही, ₹1000 करोड़ की लागत से 400 स्कूलों को ‘सीएम-राइज’ स्कूलों में क्रमोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, 40 लाख छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए ₹250 करोड़ की डीबीटी की जाएगी।
अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
मंत्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में पेयजल और बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करें। उन्होंने शौचालय विहीन स्कूलों की सूची भी मांगी है ताकि वहां तुरंत काम शुरू हो। उन्होंने स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, अनुपयोगी सामान की नीलामी करने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। शाला दर्पण पोर्टल को भी समय पर अपडेट रखने को कहा गया है।