जयपुर | राजस्थान में इस साल मार्च के महीने में मौसम के मिजाज ने बिजली कंपनियों के तमाम अनुमानों को गलत साबित कर दिया है। गर्मी की दस्तक के साथ बढ़ने वाली बिजली की मांग इस बार उम्मीद से काफी कम रही है।
बिजली खपत के आंकड़े
मार्च के पहले 23 दिनों में प्रदेश की कुल बिजली खपत 62,746 लाख यूनिट दर्ज की गई। यदि इसकी तुलना पिछले साल 2025 की समान अवधि से करें, तो तब यह आंकड़ा 68,247 लाख यूनिट था। इस प्रकार खपत में लगभग 5500 लाख यूनिट की कमी आई है।
कंपनियों की तैयारी हुई फेल
सूत्रों के मुताबिक, बिजली कंपनियों ने भारी मांग की आशंका में बाजार से महंगी बिजली खरीदने का पूरा खाका तैयार कर लिया था। हालांकि, वास्तविक मांग कम रहने के कारण उन्हें अतिरिक्त बिजली खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
वित्तीय और संचालन राहत
तापमान के सामान्य रहने से डिमांड कम रही, जिससे बिजली कंपनियों को वित्तीय और संचालन दोनों स्तरों पर बड़ी राहत मिली है। इससे कंपनियों का घाटा बढ़ने से रुक गया और ग्रिड पर भी दबाव कम रहा।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि होगी। इसके साथ ही बिजली की मांग में फिर से बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। बिजली विभाग अब अप्रैल की चुनौतियों के लिए रणनीति बना रहा है।