राजस्थान

दिव्यांगों को मिली नई उड़ान: टोंक: ऊर्जा मंत्री ने बांटी 59 स्कूटी, खिले दिव्यांगों के चेहरे

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 19 मई 2026, 11:16 दोपहर
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने देवली में दिव्यांगों को स्कूटी बांटकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की।

टोंक | राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने टोंक जिले के देवली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 59 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की।

दिव्यांगों के जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव

मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। स्कूटी मिलने से दिव्यांगों को आवागमन में सुविधा होगी। अब इन दिव्यांग भाई-बहनों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह पहल उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर के विधायक कोष से इन स्कूटियों का वितरण किया गया है। मंत्री ने विधायक की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं के प्रति हमेशा सजग रहते हैं।

डबल इंजन सरकार और विकास के नए आयाम

नागर ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। हाल ही में ग्राम विकास रथों के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर धरातल पर काम कर रहे हैं।

किसानों और महिलाओं के लिए बड़ी सौगातें

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 85 लाख नए नाम जोड़कर गरीबों को बड़ी राहत दी है। इससे प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलना शुरू हो गया है। मंत्री ने बताया कि 24 जिलों के किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक पूरे राजस्थान में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

योजनाओं से सशक्त हो रहा राजस्थान

किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं। इनसे महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। विधायक राजेंद्र गुर्जर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय के पदचिन्हों पर चलते हुए 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के मंत्र को साकार किया जा रहा है।

"दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना हमारी प्राथमिकता है। जब वे आत्मनिर्भर होंगे, तभी प्रदेश का सर्वांगीण विकास संभव हो पाएगा।" - राजेंद्र गुर्जर, विधायक

जनसुनवाई और त्वरित समाधान

कार्यक्रम के बाद ऊर्जा मंत्री ने आमजन की समस्याओं को सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सरकार की मंशा के अनुरूप काम करना चाहिए। जनता को योजनाओं की सही जानकारी देना और उन्हें लाभान्वित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर टीना डाबी सहित कई आला अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने दिव्यांगों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और सरकार के प्रयासों को सराहा। यह आयोजन न केवल दिव्यांगों के लिए मददगार साबित हुआ, बल्कि इसने सरकार की संवेदनशीलता को भी प्रदर्शित किया। ऐसे प्रयासों से समाज में समानता और सशक्तिकरण का भाव जागृत होता है।

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