जयपुर | राजस्थान में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के कड़े निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है।
अवैध शराब के खिलाफ महा-अभियान का आगाज
राजस्थान में अवैध मदिरा के निर्माण, भण्डारण और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के हर कोने में नाकाबंदी और गश्त तेज कर दी गई है।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता स्वयं इस पूरी कार्यवाही की निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देशानुसार, अवैध शराब के ठिकानों पर प्रभावी रेड की जा रही है। इसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है।
1 से 5 मई 2026 के बीच विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ कार्यवाही की है। महज पांच दिनों के भीतर प्रदेश में कुल 633 अभियोग दर्ज किए गए हैं। यह शराब माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है।
गिरफ्तारी और भारी मात्रा में जब्ती का विवरण
इस अभियान के दौरान पुलिस और आबकारी दल ने मिलकर 172 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों से अवैध शराब की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है। कार्यवाही में लाखों की मदिरा जब्त हुई है।
आंकड़ों की बात करें तो 8.52 लाख रुपये की देशी मदिरा जब्त की गई है। इसके अलावा 7.96 लाख रुपये की विदेशी मदिरा और 2.62 लाख रुपये की बीयर भी बरामद की गई है।
हथकड़ शराब के खिलाफ भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। करीब 3698.5 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई है। वहीं, एक लाख 40 हजार लीटर से अधिक वाॅश को मौके पर ही नष्ट किया गया।
उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में ताबड़तोड़ छापेमारी
उदयपुर में आबकारी विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्यवाही की। यहाँ 120 टीन गोडफादर बीयर बरामद की गई। आबकारी निरीक्षक ने दो अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
गोगुन्दा और खेरवाड़ा क्षेत्र में भी विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। गोगुन्दा में 2 हजार लीटर वाॅश नष्ट किया गया। वहीं खेरवाड़ा में 1200 लीटर वाॅश के साथ 62 लीटर मदिरा जब्त की गई।
चित्तौड़गढ़ जिला अवैध शराब की धरपकड़ में सबसे आगे रहा। यहाँ चित्तौड़गढ़ शहर, डूंगला, निम्बाहेड़ा और बेगूं में दबिश दी गई। इस दौरान 9444 देशी पव्वे और 1141 विदेशी मदिरा की बोतलें बरामद हुईं।
चित्तौड़गढ़ में कार्यवाही के दौरान 7 भट्टियां भी नष्ट की गईं। विभाग की इस सक्रियता से शराब माफियाओं में दहशत का माहौल है। यहाँ बीयर की भी भारी मात्रा में जब्ती की गई है।
हाड़ौती और मारवाड़ में भी कड़ा एक्शन
झालावाड़ में ईपीएफ टीम ने अकलेरा और झालावाड़ शहर में दबिश दी। यहाँ 56 और 52 लीटर हथकड़ शराब बरामद की गई। साथ ही 2100 लीटर वाॅश को नष्ट कर दिया गया।
जोधपुर क्षेत्र में लूनी, सरदारपुरा और फलोदी में कार्यवाही की गई। यहाँ 2 चालू भट्टियों सहित 750 लीटर वाॅश नष्ट किया गया। जोधपुर शहर में भी 9 नए मामले दर्ज किए गए हैं।
बाड़मेर और बालोतरा में भी आबकारी विभाग ने दबिश दी। यहाँ 8 केस दर्ज करते हुए 100 लीटर वाॅश नष्ट किया गया। पश्चिमी राजस्थान के इन इलाकों में सघन गश्त जारी है।
बीकानेर और हनुमानगढ़ में ईपीएफ की कार्यवाही
बीकानेर जोन के तहत खाजूवाला, चूरू और श्रीगंगानगर में 13 अभियोग दर्ज हुए। यहाँ देशी शराब के 178 पव्वे और 72 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई। साथ ही 8 भट्टियां नष्ट की गईं।
हनुमानगढ़ में ईपीएफ दल ने अमरपुरा थेड़ी और मक्कासर में बड़ी कार्यवाही की। यहाँ 2400 लीटर वाॅश नष्ट कर 9 अभियोग दर्ज किए गए। गंगाघाट क्षेत्र में भी संयुक्त कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
हनुमानगढ़ और नोहर क्षेत्र में 4500 लीटर वाॅश और 8 कच्ची भट्टियां नष्ट की गईं। विभाग की टीमें दुर्गम इलाकों में भी पहुँचकर अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त कर रही हैं।
"प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण और परिवहन पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" - आबकारी विभाग
पूर्वी राजस्थान में मदिरा तस्करों पर नकेल
भरतपुर और डीग में आबकारी दल ने 11150 लीटर वाॅश नष्ट किया। यहाँ 11 भट्टियां तोड़ी गईं और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। भरतपुर में मदिरा तस्करों के खिलाफ 4 मामले दर्ज हुए।
दौसा के बांदीकुई और लालसोट में भी दबिश दी गई। यहाँ 4500 लीटर वाॅश नष्ट कर 109 लीटर हथकड़ शराब बरामद की गई। ग्रामीण इलाकों में विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।
अजमेर में विभाग ने सबसे अधिक सक्रियता दिखाई और 36 अभियोग दर्ज किए। यहाँ 14 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। अजमेर में सघन चेकिंग अभियान लगातार जारी है।
अभियान का भविष्य और प्रभाव
आबकारी विभाग का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में और तेज होगा। समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब दुकानों के निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन पर भी कार्यवाही की जा रही है। भवानीमंडी और चैमहला में अनुज्ञापत्रों की शर्तों के उल्लंघन पर मामले दर्ज किए गए हैं।
इस कार्यवाही से न केवल राजस्व की हानि रुकेगी, बल्कि अवैध शराब से होने वाली जनहानि पर भी लगाम लगेगी। प्रदेश सरकार अवैध नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निष्कर्षतः, राजस्थान में आबकारी विभाग की यह चौतरफा कार्यवाही अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ने वाली साबित हो रही है। जीरो टोलरेंस की यह नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
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