राजस्थान

अवैध शराब पर आबकारी का बड़ा एक्शन: राजस्थान में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, 388 केस दर्ज

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 06 मई 2026, 09:48 सुबह
आबकारी विभाग के विशेष अभियान में 121 गिरफ्तार और हजारों लीटर वॉश नष्ट।

जयपुर | राजस्थान में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। आयुक्त नमित मेहता के आदेश पर पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाना है। विभाग की टीमें दिन-रात नाकाबंदी और गश्त कर रही हैं।

आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश के हर जिले में नाकाबंदी, गश्त और रेड की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इससे अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

विशेष अभियान के तहत हुई बड़ी कार्रवाई

पिछले चार दिनों में विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। 1 मई से 4 मई 2026 के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कुल 388 अभियोग दर्ज किए गए हैं।

इस दौरान आबकारी विभाग ने 121 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में बड़ा कदम है।

विभाग ने कार्रवाई के दौरान 5 वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें एक चार पहिया और चार दुपहिया वाहन शामिल हैं, जिनका उपयोग अवैध परिवहन के लिए किया जा रहा था।

भारी मात्रा में शराब और वॉश बरामद

अगर बरामदगी के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह काफी चौंकाने वाले हैं। विभाग ने 992.77 लीटर देशी मदिरा जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लाखों में है।

इसके अलावा 453.925 लीटर भारत निर्मित विदेशी मदिरा (IMFL) भी पकड़ी गई है। इसकी कुल कीमत 4 लाख 51 हजार 985 रुपये आंकी गई है।

बीयर के शौकीनों के लिए अवैध रूप से लाई जा रही 292.4 लीटर बीयर भी जब्त हुई है। साथ ही 2284 लीटर खतरनाक हथकड़ शराब को कब्जे में लिया गया है।

हजारों लीटर वॉश को किया गया नष्ट

विभाग ने शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 96 हजार 553 लीटर वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इससे अवैध शराब बनाने की संभावनाओं को खत्म किया गया है।

शराब माफियाओं के ठिकानों पर दी गई दबिश के दौरान भट्टियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। विभाग की यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

जिलों में ईपीएफ दलों का ताबड़तोड़ एक्शन

आबकारी विभाग की ईपीएफ (Excise Preventive Force) टीमें जिलों में पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं। आयुक्त के निर्देशन में जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

उदयपुर संभाग के सलूंबर क्षेत्र में बड़ी दबिश दी गई है। सलूंबर में टीम ने 1500 लीटर वॉश को नष्ट किया और अवैध हथकड़ शराब जब्त की।

इस मामले में मौके पर ही अभियोग दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। अन्य राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।

"अवैध शराब के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। किसी भी सूरत में अवैध निर्माण और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

बीकानेर और हनुमानगढ़ में सख्त कार्रवाई

बीकानेर जोन के ग्रामीण इलाकों, नोखा और खाजूवाला में भी टीमें तैनात रहीं। यहां की कार्रवाई में दो नए अभियोग दर्ज किए गए हैं, जिससे तस्करों में हड़कंप है।

हनुमानगढ़ जिले में संगरिया और भादरा क्षेत्रों में विशेष दबिश दी गई। यहां कुल 4 अभियोग दर्ज हुए और अवैध हथकड़ शराब की चालू भट्टियों को नष्ट किया गया।

चूरू में भी ईपीएफ थाना द्वारा एक अभियोग दर्ज किया गया। विभाग की टीमें संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि कोई भी अपराधी बच न सके।

श्रीगंगानगर में रायसिंहनगर, सूरतगढ़ और श्रीकरणपुर में कुल 4 अभियोग दर्ज किए गए। यहां 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में देशी शराब बरामद हुई।

जोधपुर और राजसमंद में रेड

जोधपुर के लूनी और सरदारपुरा क्षेत्रों में आबकारी विभाग ने सघन तलाशी अभियान चलाया। यहां 2 चालू भट्टियों के साथ 450 लीटर वॉश को नष्ट कर दिया गया।

राजसमंद के नाथद्वारा में भी आबकारी थाने की टीम ने बड़ी रेड की। वहां शराब बनाने के उपकरण जब्त किए गए और 200 लीटर वॉश को मौके पर ही बहा दिया गया।

इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पनप रहे अवैध शराब के कुटीर उद्योगों को खत्म करना है। विभाग की टीमें मुखबिरों के तंत्र को भी मजबूत कर रही हैं।

भरतपुर और जयपुर में बड़े पैमाने पर जब्ती

भरतपुर के कुम्हेर स्थित छापर मोहल्ला और पीली पोखर में औचक दबिश दी गई। यहां विभाग ने 4 हजार लीटर वॉश और 8 भट्टियों को पूरी तरह नष्ट किया।

बयाना के बंशीपहाड़पुर में भी 200 लीटर वॉश नष्ट कर 5 लीटर हथकड़ शराब बरामद की गई। इस दौरान एक आरोपी को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

जयपुर ग्रामीण टीम ने शाहपुरा के डोडिया और डूंगर लंगड़ियावास में कार्रवाई की। यहां एक हजार लीटर वॉश और शराब बनाने के उपकरणों को आग के हवाले किया गया।

जयपुर में हुई इस कार्रवाई के दौरान 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। मौके से दो अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।

डूंगरपुर, नागौर और ब्यावर में कार्रवाई

डूंगरपुर के सागवाड़ा क्षेत्र में 200 लीटर वॉश और एक भट्टी नष्ट की गई। नागौर में भी ईपीएफ दल ने 100 लीटर वॉश नष्ट कर 10 लीटर शराब बरामद की।

मेड़ता क्षेत्र में भी विभाग ने 400 लीटर वॉश नष्ट कर दो नए केस दर्ज किए। ब्यावर के तारागढ़ में 40 बोतल अवैध शराब के साथ एक व्यक्ति को दबोचा गया।

इन सभी जिलों में विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। अवैध शराब के ठिकानों को चिन्हित कर वहां लगातार छापेमारी की जा रही है ताकि नेटवर्क तोड़ा जा सके।

प्रदेशभर में जारी रहेगा अभियान

विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं। प्रदेश के सभी जिलों में सघन गश्त और नाकाबंदी को और अधिक कड़ा किया जाएगा।

अवैध शराब न केवल राजस्व की हानि करती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। विभाग का लक्ष्य राज्य को अवैध शराब मुक्त बनाना है।

समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वे अपने क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस की नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

इस विशेष निरोधात्मक अभियान से अवैध शराब माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिली है। आने वाले दिनों में विभाग और भी बड़ी कार्रवाइयों की योजना बना रहा है।

आमजन से भी अपील की गई है कि वे अवैध शराब की जानकारी विभाग को दें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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