राजस्थान

राजस्थान में अवैध शराब पर बड़ा एक्शन: राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ महाभियान: 290 गिरफ्तार

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 11 मई 2026, 10:59 दोपहर
आबकारी विभाग ने प्रदेशभर में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है।

जयपुर | राजस्थान में इन दिनों अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने कड़ा डंडा चला रखा है। प्रदेश के कोने-कोने में शराब माफियाओं के खिलाफ सघन तलाशी और छापेमारी की जा रही है।

आबकारी विभाग का प्रदेशव्यापी एक्शन

आबकारी आयुक्त नमित मेहता के सख्त निर्देशों के बाद पूरे राजस्थान में विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध मदिरा के निर्माण और परिवहन को रोकना है।

906 अभियोग और 290 गिरफ्तारियां

मई महीने की शुरुआत से ही विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 1 से 9 मई तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 906 अभियोग दर्ज किए गए हैं।

पुलिस और आबकारी दल ने अब तक 290 लोगों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। इस दौरान लाखों रुपये की अवैध शराब और बीयर जब्त की गई है।

भारी मात्रा में शराब और वाहन जब्त

आंकड़ों की बात करें तो 3799 लीटर देशी मदिरा और 926 लीटर भारत निर्मित अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। इसके अलावा 1443 लीटर बीयर भी जब्त की गई है।

कार्रवाई के दौरान 6255 लीटर हथकड़ शराब और 2 लाख 36 हजार लीटर से अधिक वाॅश नष्ट किया गया है। विभाग ने 33 वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया है।

जयपुर से कोटा तक छापेमारी

जयपुर शहर दक्षिण की टीम ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर गांधीनगर स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की। यहाँ ट्रेन से हरियाणा और पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए आरक्षित शराब बरामद की गई।

शराब भट्टियों पर चला हथौड़ा

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में भी टीम ने दबिश दी। वहाँ मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए उपलब्ध अंग्रेजी शराब के पव्वों के साथ हथकड़ शराब बरामद की गई और वाॅश नष्ट किया गया।

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ और पाली में भी आबकारी टीम ने अवैध भट्टियों को नष्ट किया। पाली में 1500 लीटर और भीलवाड़ा में 4000 लीटर वाॅश मौके पर ही नष्ट किया गया।

प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

हाईवे पर सघन नाकाबंदी

कोटा में भारतमाला एक्सप्रेस वे पर भी सघन नाकाबंदी की गई। यहाँ हर आने-जाने वाले संदिग्ध वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है ताकि तस्करी रोकी जा सके।

जीरो टॉलरेंस की नीति

आबकारी विभाग के सभी अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त और निरीक्षक इस अभियान में सक्रिय हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त होना चाहिए।

इस कार्रवाई से न केवल अवैध शराब पर लगाम लगी है, बल्कि सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को भी रोका जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा।

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