जयपुर | राजस्थान में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब मोर्चा खोल दिया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के कड़े निर्देश पर प्रदेश भर में विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत नाकाबंदी, गश्त और छापेमारी की प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में अवैध मदिरा और सामग्री जब्त की गई है।
आबकारी आयुक्त के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और परिवहन पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। विभाग की टीमें मुस्तैद हैं।
रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई और गिरफ्तारियां
आंकड़ों की बात करें तो 1 मई से 22 मई के बीच विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान प्रदेश में कुल 1535 अभियोग दर्ज किए गए हैं, जो विभाग की सक्रियता दर्शाता है।
इतना ही नहीं, पुलिस और आबकारी दल ने इस अवैध धंधे में शामिल 724 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। यह कार्रवाई शराब माफियाओं के लिए एक बहुत कड़ा संदेश साबित हुई है।
अभियान के दौरान परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी गाज गिरी है। कुल 74 वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें 5 बड़े वाहन, 11 चार पहिया और 57 दुपहिया वाहन शामिल हैं।
कोटा में 70 लाख की अंग्रेजी शराब जब्त
कोटा में शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहाँ अंग्रेजी शराब की विभिन्न ब्रांड की कुल 796 पेटियां बरामद की गई हैं, जो तस्करी के लिए ले जाई जा रही थीं।
इन पेटियों में 25,440 क्वार्टर और 2394 बोतलें भरी हुई थीं। बरामद की गई इस अवैध शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 70 लाख रुपए आंकी गई है, जो एक बड़ी बरामदगी है।
"प्रदेश में अवैध मदिरा के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सभी जिलों में सघन गश्त और दबिश की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी ताकि नेटवर्क ध्वस्त हो सके।" - आबकारी विभाग
लाखों लीटर अवैध वॉश किया गया नष्ट
अभियान के दौरान केवल बनी हुई शराब ही नहीं, बल्कि इसे बनाने वाली कच्ची सामग्री पर भी प्रहार किया गया है। प्रदेश में करीब 4 लाख 19 हजार लीटर वॉश नष्ट किया गया।
जब्त की गई विदेशी मदिरा की कीमत 2 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक है। वहीं, 43 लाख रुपये से ज्यादा की बीयर और करीब 15 लाख रुपये की देशी मदिरा जब्त की गई है।
पाली, जोधपुर और बांसवाड़ा जैसे जिलों में भी आबकारी दल ने भट्टियां नष्ट की हैं। नागौर में पैकिंग मशीनें और स्पिरिट जब्त कर शराब बनाने के अवैध कारखानों पर ताला लगाया गया है।
इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति यह स्पष्ट करती है कि अवैध गतिविधियों के लिए राज्य में अब कोई जगह नहीं बची है।
आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होने की उम्मीद है। विभाग का लक्ष्य अवैध शराब की बिक्री को जड़ से खत्म करना और राजस्व की हानि को रोकना है।
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