जयपुर | राजस्थान में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अवैध मदिरा निर्माण, भंडारण और परिवहन पर रोकथाम के लिए विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है।
859 अभियोग दर्ज और 282 गिरफ्तारियां
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के नेतृत्व में 1 से 8 मई 2026 तक चली कार्रवाई में विभाग को बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान विभाग ने कुल 859 अभियोग दर्ज किए हैं।
इस अभियान के तहत पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीमों ने 282 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है।
विभाग ने कार्रवाई के दौरान 9 लाख 72 हजार 862 रुपये की 3626 लीटर देशी मदिरा जब्त की है। इसके अलावा 8 लाख 69 हजार रुपये की विदेशी मदिरा भी पकड़ी गई।
वाहनों की जब्ती और भारी मात्रा में वाॅश नष्ट
कार्रवाई में 1428 लीटर बीयर और 5473 लीटर हथकड़ शराब भी बरामद हुई है। विभाग ने 2 लाख 20 हजार 670 लीटर वाॅश को मौके पर ही नष्ट कर दिया है।
अवैध परिवहन में शामिल 31 वाहनों को भी सीज किया गया है। इनमें 8 बड़े वाहन, 2 हल्के चार पहिया वाहन और 21 दुपहिया वाहन शामिल हैं, जो तस्करी में प्रयुक्त थे।
जिलों में ताबड़तोड़ रेड और कार्रवाई
उदयपुर के खेरवाड़ा और मावली में आबकारी दल ने दबिश देकर भारी मात्रा में वाॅश नष्ट किया। बांसवाड़ा में 3 हजार लीटर वाॅश नष्ट कर 102 बोतल हथकड़ शराब बरामद की गई।
जोधपुर ग्रामीण और सरदारपुरा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक चालू भट्टी को नष्ट किया गया। राजसमन्द के नाथद्वारा में बनास नदी के पास 1500 लीटर वाॅश नष्ट किया गया।
नागौर के परबतसर और मेड़ता सिटी में भी विभाग ने 900 लीटर वाॅश नष्ट किया। कोटा में भारतमाला एक्सप्रेस वे पर वाहनों की सघन नाकाबंदी कर जांच अभियान चलाया गया।
शराब माफियाओं में मचा हड़कंप
श्रीगंगानगर में 6 हजार लीटर वाॅश और 17 भट्टियों को नष्ट कर विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। प्रतापगढ़ के धरियावद में कई गांवों में दबिश देकर 10 भट्टियां तोड़ी गईं।
पाली और केकड़ी में भी अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। यहां देशी मदिरा का परिवहन करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
आबकारी विभाग की टीमें जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं। अन्य राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि अवैध व्यापार रुके।
"प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।"
प्रदेश के सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान आगामी दिनों में और तेज किया जाएगा।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अवैध शराब की भट्टियों को पूरी तरह समाप्त करना और तस्करी के रास्तों को बंद करना है ताकि राजस्व की हानि रोकी जा सके।
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