जयपुर | राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर आम जनता के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में तेल वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में ईंधन और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
ईंधन का पर्याप्त स्टॉक और सुचारू वितरण
बैठक के दौरान तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सभी पेट्रोल पंपों और रिटेल आउटलेट्स पर आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी है।
पिछले चार दिनों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बैकलॉग को काफी हद तक कम कर दिया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सकेंगे और लंबी प्रतीक्षा सूची से राहत मिलेगी।
स्वच्छ ईंधन और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्य सचिव ने नगर गैस वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घरेलू और औद्योगिक ग्राहकों को पाइप के जरिए गैस (PNG) पहुंचाने की योजना को गति देने को कहा है।
हमारी सरकार वितरकों की सुरक्षा और प्रदेश के हर नागरिक तक स्वच्छ ईंधन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्रमिकों और छात्रों के लिए विशेष पहल
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और छात्रों की जरूरतों का भी ध्यान रखा है। उनके लिए 5 किलो वाले 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए गए हैं।
जयपुर शहर में टैंकरों की 24x7 आवाजाही सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कमी न हो। साथ ही ऑटो एलपीजी स्टेशन भी अब चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस समीक्षा बैठक से यह साफ हो गया है कि राजस्थान सरकार ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर है। बेहतर प्रबंधन और तेल कंपनियों के सहयोग से प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी, जिससे विकास की गति धीमी नहीं होगी।
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