जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पश्चिमी राजस्थान की जीवन रेखा गंगनहर के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को जन-भागीदारी का बड़ा अभियान बनाने के निर्देश दिए हैं।
शताब्दी समारोह की भव्य तैयारियां
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गंगनहर के शिवपुर हेड सहित सभी प्रमुख रेगुलेटर्स पर नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पूरे वर्ष चलने वाली इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और किसानों को जागरूक करना है।
समारोह के दौरान नहर क्षेत्र की 12 अनाज मंडियों में विशेष किसान संवाद कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में कृषि विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक सिंचाई तकनीक और ड्रिप सिस्टम की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जाएगी।
किसानों और आमजन की भागीदारी
नहरों की साफ-सफाई और बेहतरीन कार्य करने वाले जल उपयोगकर्ता संगठनों के अध्यक्षों को सम्मानित किया जाएगा। साइकिल रैली और जल संरक्षण आधारित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि गंगनहर शताब्दी समारोह जनभागीदारी और जागरूकता का व्यापक अभियान बन सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे गंगनहर के ऐतिहासिक महत्व और जल की महत्ता को घर-घर पहुंचाया जा सकेगा।
गंगनहर का गौरवशाली इतिहास
महाराजा गंगा सिंह ने 5 दिसंबर 1925 को इस नहर का निर्माण शुरू करवाया था। 26 अक्टूबर 1927 को पहली बार शिवपुर हेड में पानी पहुंचा था। अब इसके 100 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं।
यह शताब्दी समारोह न केवल राजस्थान की कृषि विरासत का जश्न है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करने का एक बड़ा माध्यम भी बनेगा। इससे मरुधरा में खुशहाली आएगी।
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