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राजस्थान में रेल क्रांति: राजस्थान में 6 नए रेल प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, इन जिलों को होगा फायदा

बलजीत सिंह शेखावत · 22 जून 2026, 03:30 दोपहर
केंद्र सरकार ने राजस्थान में खाटूश्यामजी समेत 6 अहम रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा।

जयपुर | राजस्थान में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में खाटूश्यामजी रेल लाइन के साथ-साथ पांच अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को भी गति दी जा रही है, जिससे राज्य के कई जिलों की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

खाटूश्यामजी को मिली बड़ी सौगात

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीकर जिले के सुंदरपुरा में खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की है। यह स्टेशन बनने से देश भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम हो जाएगी।

रेल मंत्री ने प्रस्तावित स्टेशन की साइट का निरीक्षण कर नक्शा भी जारी किया।

रेल मंत्री ने बताया कि अगले आठ से दस महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

इस स्टेशन के बनने से खाटूश्यामजी के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और देश के विभिन्न हिस्सों से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।

इन 5 परियोजनाओं से भी बदलेगी तस्वीर

खाटूश्यामजी के अलावा, प्रदेश में पांच और नई रेल लाइनों पर काम तेज हो गया है, जो विकास को नई दिशा देंगे।

मारवाड़ बागरा-सिरोही-स्वरूपगंज प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट के तहत जालोर के मारवाड़ बागरा से सिरोही होते हुए स्वरूपगंज तक 96 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इससे सिरोही जिला पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे 10 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

बालोतरा-पचपदरा रेल प्रोजेक्ट

बालोतरा से पचपदरा तक 11 किलोमीटर की यह लाइन पचपदरा रिफाइनरी तक परिवहन को सुगम बनाएगी। सर्वे पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

बिलाड़ा-रास रेल प्रोजेक्ट

जोधपुर के बिलाड़ा से पाली के रास तक 58 किमी लंबी यह लाइन ब्यावर से जोधपुर की दूरी को 191 किमी से घटाकर 133 किमी कर देगी, जिससे यात्रियों का समय और पैसा बचेगा।

धौलपुर-गंगापुर सिटी वाया करौली प्रोजेक्ट

145 किलोमीटर लंबी यह परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में धौलपुर से सरमथुरा तक आमान परिवर्तन का काम चल रहा है, जो अगले साल तक पूरा हो सकता है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत होगा नेटवर्क

भारत-पाक सीमा से सटे जिलों में भी रेल नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है। खाजूवाला से जैसलमेर (260 किमी) और भीलड़ी से जैसलमेर वाया बाड़मेर (380 किमी) तक नई लाइनें बिछाई जाएंगी।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार

इन सभी रेल परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह राजस्थान के समग्र विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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