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राजस्थान: शादियों के लिए गैस सिलेंडर: राजस्थान में शादियों के सीजन में बड़ी राहत: 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर कैसे मिलेगा? जानें पूरी प्रक्रिया और नियम

thinQ360 · 19 अप्रैल 2026, 01:35 दोपहर
राजस्थान सरकार ने शादियों के सीजन में आम जनता को राहत देते हुए कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोहों के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया गया है।

जयपुर | राजस्थान में शादियों का सीजन शुरू होते ही खुशियों के साथ-साथ कई बार व्यवस्थाओं की चिंता भी सताने लगती है। खासकर जब बात खाने-पीने और रसोई गैस की हो, तो अक्सर लोगों को किल्लत का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए राजस्थान सरकार ने एक बहुत ही सराहनीय और बड़ा फैसला लिया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने आम जनता की सुविधा के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। अब शादियों में गैस की कमी न हो, इसके लिए कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता को आसान बना दिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि खुशियों के इस माहौल में किसी भी परिवार को ईंधन के लिए परेशान न होना पड़े।

मंत्री सुमित गोदारा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

हाल ही में 7 अप्रैल को जयपुर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने की थी। बैठक में राज्य में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। साथ ही, विभिन्न तेल और गैस मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में गैस की वर्तमान स्थिति और भविष्य की मांग को पूरा करना था।

शादियों के लिए विशेष कोटा निर्धारित

राजस्थान में शादियों के दौरान गैस सिलेंडरों की मांग अचानक से काफी बढ़ जाती है। इस मांग को पूरा करने के लिए मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कोटा तय किया गया है ताकि पारिदर्शिता बनी रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले विवाह समारोहों के लिए अब 19 किलो के दो कमर्शियल सिलेंडर मिल सकेंगे। वहीं, शहरी क्षेत्रों में होने वाली शादियों के लिए 19 किलो के तीन कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि लोगों को घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग से बचाया जा सके।

कैसे करें आवेदन? जानें पूरी प्रक्रिया

अगर आपके घर में भी शादी है और आप कमर्शियल सिलेंडर लेना चाहते हैं, तो प्रक्रिया बहुत सरल है। इसके लिए आपको सबसे पहले विवाह का निमंत्रण पत्र (Wedding Card) तैयार रखना होगा। इस कार्ड को संलग्न करके आपको अपने जिले के संबंधित जिला रसद अधिकारी (DSO) को आवेदन देना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद DSO द्वारा आपके क्षेत्र की संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क किया जाएगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आपको समय पर कमर्शियल सिलेंडरों की व्यवस्था हो जाए। यह प्रक्रिया बिचौलियों को खत्म करने और सीधे जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है।

ई-केवाईसी (e-KYC) है सबसे अनिवार्य शर्त

मंत्री सुमित गोदारा ने बैठक में एक और बहुत महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना ई-केवाईसी के किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर न दिया जाए। यह नियम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केवल पात्र व्यक्तियों को लाभ देने के लिए लागू किया गया है। ई-केवाईसी के माध्यम से सरकार यह डेटाबेस तैयार कर रही है कि गैस का सही उपयोग हो रहा है। इससे अवैध रिफिलिंग और सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने में बड़ी मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी गैस एजेंसी पर जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा करवाएं।

गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति

बैठक के दौरान तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों ने राज्य में आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गैस सिलेंडर की औसत डिलीवरी अवधि 4 से 5 दिन के भीतर है। यानी बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस डिलीवरी समय को और भी कम किया जाए ताकि जनता को सुविधा हो। विशेष रूप से शादियों के सीजन में किसी भी तरह की देरी उत्सव के रंग में भंग डाल सकती है। इसलिए कंपनियों को स्टॉक बनाए रखने और वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए कहा गया है।

पीएनजी (PNG) कनेक्शनों के विस्तार पर चर्चा

बैठक में केवल एलपीजी सिलेंडरों तक ही बात सीमित नहीं रही, बल्कि पीएनजी पर भी चर्चा हुई। मंत्री गोदारा ने राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार की समीक्षा भी की। सरकार चाहती है कि शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक घरों को पीएनजी से जोड़ा जाए। पीएनजी न केवल सुरक्षित है बल्कि यह एलपीजी की तुलना में अधिक सुविधाजनक भी मानी जाती है। इससे सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है। आने वाले समय में राजस्थान के कई और शहरों में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाने की योजना है।

आम जनता के लिए राहत की खबर

राजस्थान सरकार का यह कदम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। अक्सर शादियों में कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण लोग परेशान होते थे। कई बार उन्हें मजबूरी में ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ते थे। अब सरकारी हस्तक्षेप और कोटा निर्धारित होने से बाजार में स्थिरता आएगी। लोग अब कानूनी तरीके से और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल पैसे की बचत होगी बल्कि मानसिक शांति भी मिलेगी।

अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश

मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। गैस एजेंसियों को भी पाबंद किया गया है कि वे शादियों के आवेदनों को प्राथमिकता दें। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अब इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखे हुए है। हर जिले के DSO को साप्ताहिक रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा जा सकता है। सरकार का संकल्प है कि राजस्थान के किसी भी कोने में ईंधन की किल्लत न होने पाए।

निष्कर्ष: एक व्यवस्थित पहल

कुल मिलाकर, राजस्थान सरकार का यह फैसला शादियों के सीजन को सुखद बनाने की दिशा में है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2 और शहरी क्षेत्रों के लिए 3 सिलेंडरों का कोटा एक संतुलित कदम है। आम जनता को बस इतना करना है कि वे समय रहते आवेदन करें और अपनी ई-केवाईसी अपडेट रखें। इस पहल से न केवल आम आदमी को लाभ होगा बल्कि गैस वितरण प्रणाली में भी सुधार आएगा। अगर आप भी राजस्थान के निवासी हैं और आपके घर में विवाह समारोह है, तो इस सुविधा का लाभ जरूर उठाएं। उचित प्रक्रिया का पालन करें और अपनी खुशियों को बिना किसी बाधा के मनाएं।

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