जयपुर | राजस्थान सरकार ने लंबे इंतजार के बाद सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगे बैन को हटा दिया है। यह रोक 16 दिनों के लिए हटाई गई है, जिसके तहत 5 जुलाई तक तबादले किए जा सकेंगे। इस फैसले से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे।
किन्हें मिलेगी प्राथमिकता, कौन रहेगा बाहर?
सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इन तबादलों में कुछ विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता और गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारी शामिल हैं। कैंसर, हृदय रोग, किडनी या फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों को वरीयता मिलेगी। यह आदेश सरकारी विभागों के साथ-साथ निगम, बोर्ड और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू होगा।
हालांकि, इस बार भी दो प्रमुख विभागों के कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है। शिक्षा विभाग में ग्रेड थर्ड टीचर्स के तबादलों पर रोक बरकरार रहेगी। ये शिक्षक 2018 से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं।
इसी तरह, चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों के तबादले भी नहीं होंगे। मौसमी बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है, ताकि अस्पतालों की व्यवस्थाएं प्रभावित न हों। इसमें नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन और डॉक्टर जैसे पद शामिल हैं।
तबादलों में दिखेगा राजनीतिक प्रभाव
सूत्रों के मुताबिक, इन तबादलों में सत्ताधारी दल के विधायकों की सिफारिशों को काफी महत्व दिया जाएगा। कई बीजेपी विधायक लंबे समय से अपने चहेते कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए दबाव बना रहे थे। पार्टी की बैठकों में भी यह मुद्दा कई बार उठाया गया था।
सबसे ज्यादा मांग शिक्षा, पुलिस, बिजली, और वित्त जैसे जनता से सीधे जुड़े विभागों में ट्रांसफर को लेकर है। विधायकों की सिफारिशों के आधार पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इधर-उधर किया जा सकता है।
यह फैसला जहां कई कर्मचारियों के लिए एक अवसर लेकर आया है, वहीं ग्रेड थर्ड शिक्षकों और चिकित्साकर्मियों के लिए इंतजार और लंबा हो गया है। अगले कुछ दिन प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज रहेगी।
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