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राजस्थान के स्कूलों का कायाकल्प: राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदलेगी सूरत, 12500 करोड़ खर्च होंगे

desk · 23 अगस्त 2026, 06:13 शाम
राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का रोडमैप तैयार किया है। 12,500 करोड़ रुपए खर्च कर स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाया जाएगा।

जयपुर |सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर राजस्थान सरकार ने एक बड़े बदलाव की तैयारी की है। सरकार ने स्कूलों के कायाकल्प के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाना है।

12,500 करोड़ का मेगा प्लान

वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों में इस योजना पर 12,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कदम झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती और राजस्थान पत्रिका द्वारा लगातार मुद्दा उठाए जाने के बाद उठाया गया है।

इस योजना के लिए प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का एक तकनीकी सर्वे भी कराया गया था, जिसके आधार पर यह तीन साल की कार्य योजना तैयार की गई है।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। दिसंबर 2026 तक इस क्षेत्र में 1,087 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है।

टैबलेट और स्मार्ट क्लासेज

योजना के तहत विद्यार्थियों को 80 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, 107 करोड़ रुपए की लागत से 9 हजार स्मार्ट क्लासेज भी विकसित की जाएंगी।

आईसीटी लैब्स की स्थापना

कंप्यूटर शिक्षा को और मजबूत करने के लिए 880 करोड़ रुपए की लागत से 7 हजार नई आईसीटी लैब्स स्थापित की जाएंगी।

विकास के लिए विभिन्न स्रोतों से जुटेगा पैसा

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए फंड कई स्रोतों से जुटाया जाएगा। अब विधायक कोष में प्रति विधायक 5 करोड़ रुपए के वार्षिक प्रावधान में से 20 प्रतिशत राशि स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च करना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके साथ ही, डांग, मगरा और मेवात विकास योजनाओं में स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट का हिस्सा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।

ग्राम पंचायतों में खुलेंगे अटल ज्ञान केंद्र

राज्य की 5 हजार ग्राम पंचायतों में 750 करोड़ रुपए की लागत से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर 15 लाख रुपए खर्च होंगे।

खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वीबीजी रामजी योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर चरणबद्ध तरीके से स्टेडियम बनाए जाएंगे, जिसके लिए प्रतिवर्ष 500 से 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान होगा।

बालिकाओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान

योजना में बालिकाओं के लिए सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश के 2,326 स्कूलों में नए बालिका शौचालय बनाने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, 5 नए बालिका सैनिक स्कूल, 13 डाइट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 79 छात्रावास भवनों पर भी काम चल रहा है।

निर्माण कार्य और मरम्मत

वर्तमान में 3,006.34 करोड़ रुपए के विद्यालय विकास कार्य विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से 181 भवनों का निर्माण शुरू भी हो चुका है।

नए क्लासरूम और भवन

योजना के तहत 2,487.75 करोड़ रुपए की लागत से 3,587 नए विद्यालय भवन और 8,378.30 करोड़ रुपए से 83,783 नए कक्षा-कक्ष बनाए जाएंगे।

मरम्मत और शौचालय निर्माण

22,589 स्कूलों में 1,129.45 करोड़ रुपए से बड़े मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य होंगे। साथ ही, 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण के लिए 340.40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

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