बीकानेर |राजस्थान सरकार ने राजकीय सेवा में रहते हुए राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
प्रमुख शासन सचिव परविन्दर सिंह ने शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में एक पत्र जारी किया है।
पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि नियम 7 का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए।
इन गतिविधियों पर है पूरी तरह रोक
निर्देशों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें शामिल हैं:
- किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता लेना।
- चुनाव में टिकट के लिए आवेदन करना या चुनाव लड़ना।
- चुनाव प्रचार में हिस्सा लेना या किसी भी तरह की सहायता करना।
- किसी प्रत्याशी का प्रस्तावक, समर्थक अथवा पोलिंग एजेंट बनना।
- अपने वाहन, आवास या व्यक्ति पर चुनाव चिह्न प्रदर्शित करना।
सख्त पालना के निर्देश
सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों को इन नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।