दिल्ली

नेपाल बाढ़: राजस्थान सरकार ने हेल्पलाइन जारी की

बलजीत सिंह शेखावत · 27 अगस्त 2026, 01:15 दोपहर
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे राजस्थान के नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।

जयपुर |नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राजस्थान सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य सरकार ने पर्यटन, धार्मिक यात्रा और व्यापार के सिलसिले में नेपाल गए राजस्थान के नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने सहायता और त्वरित जानकारी प्रदान करने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

सरकार की त्वरित कार्रवाई और हेल्पलाइन

यदि राजस्थान का कोई भी नागरिक नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के बीच फंसा हुआ है, तो उनके परिजन जयपुर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से तुरंत संपर्क साध सकते हैं।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे प्रदेशवासियों की जल्द से जल्द पहचान करना है। सरकार का लक्ष्य उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल मदद पहुंचाना है।

बाढ़ की विनाशकारी स्थिति

जानकारी के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इस आपदा में अब तक 163 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, करीब 750 से अधिक लोग या तो लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।

भारतीय नागरिकों पर संकट

इस आपदा में फंसे लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 133 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें से ज्यादातर कैलाश मानसरोवर के तीर्थयात्री और पर्यटक हैं।

हालांकि, लापता होने वाले भारतीय लोगों में राजस्थान के कितने लोग शामिल हैं, इसका सटीक आंकड़ा अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। इसका मुख्य कारण नेपाल में संचार व्यवस्था का पूरी तरह से ठप पड़ जाना है।

राजस्थान सरकार की चिंता

राजस्थान के कई लोगों के वहां फंसे या लापता होने की आशंका को देखते हुए राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए हैं।

नेपाल का रासुवा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर साल राजस्थान से भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। हाल ही में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण वहां संपर्क मार्ग और स्थानीय ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

नेपाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक वहां बिना सहायता के न रहे।

इसके साथ ही, सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि उनके चिंतित परिजनों को सही और सटीक जानकारी समय पर मिल सके, ताकि किसी भी तरह की अफवाहों से बचा जा सके।

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