जयपुर | राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित होने वाला 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (GRAM)-2026 प्रदेश में कृषि के एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। यह आयोजन आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित खेती पर केंद्रित होगा।
हाल ही में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी, श्रीमती मंजू राजपाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
जयपुर के सीतापुरा स्थित JECC में आयोजित इस बैठक में विभिन्न कमेटियों और FICCI के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो।
किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने पेयजल, सरस की लस्सी और छायादार स्थानों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के निर्देश दिए।
यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह किसानों को सशक्त बनाने का एक बड़ा माध्यम है। इसमें लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं और तकनीकी सत्रों पर भी गहन चर्चा की गई है।
तकनीक और नवाचार का संगम
GRAM-2026 के माध्यम से किसानों को अत्याधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन फार्मिंग से अवगत कराया जाएगा। इससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
जैविक और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक पद्धतियों को भी अपनाए।
बाजार और स्टार्टअप्स से जुड़ाव
इस मेगा इवेंट में स्टार्टअप्स और एग्रीटेक कंपनियों को भी आमंत्रित किया गया है। इससे किसानों को सीधे बाजार और नई कंपनियों के साथ संवाद करने का अवसर प्राप्त होगा।
“GRAM-2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और बाजार से सीधे जुड़ाव का सशक्त मंच बनेगा।”
आयुक्त कृषि ने बताया कि इस मंच के जरिए कृषि निर्यात को गति देने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की पहचान
राज्य सरकार वैश्विक तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में रोड शो आयोजित करने की योजना बना रही है। इससे राजस्थान का कृषि क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।
आयोजन में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से लगभग 75 हजार से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।
इस भव्य मीट का मुख्य उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साझा मंच पर लाना है। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
अंत में, यह आयोजन ग्रामीण विकास की पूंजी के रूप में उभरेगा। खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाना ही इस पूरे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है, जिससे किसानों की आय बढ़ सके।
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