जयपुर | राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और किसानों की समृद्धि के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने घोषणा की है कि आगामी 27 अप्रैल से प्रदेश में 'ग्राम रथ अभियान' का आगाज होगा।
यह 15 दिवसीय अभियान राज्य सरकार की कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाएगा। रविवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने इसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
कृषि और तकनीक का नया संगम: ग्राम-2026
प्रदेश के किसानों को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने और कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए जयपुर में ‘ग्राम-2026’ का आयोजन किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाला है।
इस बड़े आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ही ग्राम रथ अभियान को डिजाइन किया गया है। अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों से अवगत कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में रथों का रूट चार्ट तुरंत तैयार करें। उन्होंने कहा कि कोई भी गांव सरकारी जानकारी से वंचित नहीं रहना चाहिए।
प्रशासनिक स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए संपर्क पोर्टल की नियमित समीक्षा के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, गर्मी को देखते हुए समर कंटीजेंसी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बैठक में अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा:
"ग्राम रथ अभियान प्रदेश के किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जिससे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।"
जन-जन तक पहुंचेगी सरकार की आवाज
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश की 183 ग्रामीण बहुल विधानसभा क्षेत्रों को इस अभियान के तहत कवर किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम रथ प्रतिदिन 4 से 5 ग्राम पंचायतों का दौरा करेगा।
अभियान के दौरान जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें LED स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के संदेश प्रसारित होंगे। इससे जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा।
योजनाओं को रोचक बनाने के लिए लोक कलाकारों की सहायता ली जाएगी। शाम के समय गांवों में ‘संध्या चौपाल’ सजेगी, जहां कला जत्था के माध्यम से योजनाओं को गीतों और नाटकों के जरिए प्रभावी ढंग से समझाया जाएगा।
ग्रामीणों के फीडबैक के लिए हर रथ के साथ एक ‘सुझाव पेटिका’ भी भेजी जाएगी। इसके जरिए प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर भविष्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक जनोपयोगी और पारदर्शी बनाया जाएगा।
बैठक में 13 संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन अभियान की मॉनिटरिंग करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार और शिखर अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अभियान की सफलता के लिए सुझाव दिए।
यह अभियान न केवल किसानों को जागरूक करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में भी सहायक होगा। सरकार की इस पहल से राजस्थान के कृषि परिदृश्य में एक सकारात्मक और क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
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