डूंगरपुर | राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर शनिवार को डूंगरपुर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मंत्री खींवसर ने बताया कि प्रदेश में कुल 50 हजार पदों पर स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि कई पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं और शेष पदों को जल्द भर दिया जाएगा।
अस्पताल का सघन निरीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री ने डूंगरपुर जिला अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट के कामकाज का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से निर्माण कार्य की ड्राइंग देखी और कार्य पूरा होने की समय सीमा पूछी। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई तक सिविल वर्क पूरा होने की संभावना है।
घटिया निर्माण पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मंत्री को अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर निर्माण में देरी और घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत मिली। इस पर उन्होंने तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनबीसीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की गहन समीक्षा करने को कहा है।
मरीजों और छात्रों से संवाद
मंत्री खींवसर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नए भवन में स्थित फूड कोर्ट भी पहुंचे। वहां उन्होंने भोजन कर रहे मरीजों के परिजनों और एमबीबीएस छात्रों से खाने की गुणवत्ता पर चर्चा की। छात्रों और आम लोगों ने भोजन की गुणवत्ता को अच्छा बताया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को मिलने वाले पौष्टिक आहार में कभी कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
कर्मचारियों की मांगों पर आश्वासन
राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन और यूटीबी पैरामेडिकल स्टाफ ने मंत्री को अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 1267 नियमित पदों को समाप्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया। नर्सिंग कर्मियों ने मांग की कि डूंगरपुर में कार्यरत 110 नियमित कर्मियों को यथावत रखा जाए। मंत्री ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भविष्य की स्वास्थ्य योजनाएं
मंत्री ने अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के स्थान पर नई आधुनिक बिल्डिंग का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक लाइन और ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर जिले में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है।