जयपुर | राजस्थान में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मरुधरा की तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
सोमवार को राज्य के 12 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। इसने पिछले कई वर्षों के गर्मी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
कोटा बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
हैरानी की बात यह है कि पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों से ज्यादा गर्मी हाड़ौती के कोटा में दर्ज की गई। कोटा में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिलों को पीछे छोड़ते हुए कोटा इस समय सबसे अधिक तप रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में कैद हैं।
रातों में भी नहीं मिल रहा चैन
प्रदेश में केवल दिन की धूप ही नहीं, बल्कि रातें भी अब झुलसाने वाली हो गई हैं। फलोदी और जयपुर जैसे शहरों में रात का पारा काफी ऊपर चला गया है।
फलोदी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन की सबसे गर्म रात रही, जिससे लोगों को रात में भी सुकून नहीं मिल रहा है।
राजधानी जयपुर में भी रात का तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। कूलर और एसी भी अब इस भीषण गर्मी के सामने पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। विभाग ने कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर लू की चेतावनी दी है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही हैं। इससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
फिलहाल किसी भी पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की संभावना नहीं है। इसके कारण शुष्क हवाएं चलेंगी, जो गर्मी के अहसास को और भी कष्टदायक बना देंगी।
पर्यटन और बाजारों पर बुरा असर
भीषण गर्मी का सीधा असर राजस्थान के पर्यटन उद्योग पर दिखने लगा है। झीलों की नगरी उदयपुर और धार्मिक नगरी अजमेर में सैलानियों की संख्या काफी घट गई है।
दोपहर के समय पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय बाजारों के दुकानदार भी ग्राहकों की कमी से परेशान हैं और अब शाम को ही व्यापार हो पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-पक्षियों के लिए पानी का संकट गहराने लगा है। प्रशासन ने जल स्रोतों की निगरानी और सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष तैयारी
गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कोटा के सरकारी अस्पतालों में विशेष हीटवेव वार्ड तैयार किए गए हैं और बेड रिजर्व रखे गए हैं।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर ढक कर रखें और पानी पीते रहें।
यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले सप्ताह में पारा 45 डिग्री के स्तर को छू सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।