राजस्थान

राजस्थान: गर्मी का तांडव: बाड़मेर 48.3 डिग्री, रेड अलर्ट

बलजीत सिंह शेखावत · 13 मई 2026, 12:52 दोपहर
बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर बना, मौसम विभाग ने 50 डिग्री तक पारा जाने की चेतावनी दी।

बाड़मेर | राजस्थान के पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को बाड़मेर शहर ने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और देश का सबसे गर्म स्थान बन गया।

बाड़मेर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और रेड अलर्ट

बाड़मेर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का उच्चतम स्तर है। मौसम विभाग ने जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

जालोर और बीकानेर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में लू का असर इतना अधिक है कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आता है। लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं।

भीषण गर्मी और तापमान का वितरण

मंगलवार को राजस्थान के लगभग सभी प्रमुख शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। फलोदी में 46.4 डिग्री, जैसलमेर में 45.8 डिग्री और जोधपुर में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ है।

चित्तौड़गढ़ में 45.6 डिग्री, बीकानेर में 45 डिग्री और कोटा में 44.7 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। चूरू, पिलानी और फतेहपुर में भी तापमान 44 डिग्री से अधिक बना हुआ है, जिससे राहत की उम्मीद नहीं है।

"पश्चिमी राजस्थान में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी जारी रहेगी। रेगिस्तानी इलाकों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।"

50 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में गर्मी के तेवर और भी कड़े हो सकते हैं। बाड़मेर में पिछले दो दिनों में तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि शुष्क हवाएं जारी रहीं, तो पारा 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है। प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

गर्मी के कारण न केवल दिन बल्कि रातें भी गर्म होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है और बेचैनी बढ़ गई है।

स्वास्थ्य सुरक्षा और बचाव के उपाय

बढ़ती गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। धूप में निकलते समय सिर को ढकना और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना लू से बचाव के लिए जरूरी है।

प्रशासन ने दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने की अपील सामाजिक संस्थाओं द्वारा की गई है।

भीषण गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। सरकार ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि जनता को राहत मिल सके।

राजस्थान में भीषण गर्मी का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के अनुसार, नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक सावधान रहना होगा। सजगता ही इस आपदा से बचाव है।

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