जयपुर | राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी में एक बार फिर बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राज्य सरकार ने देर रात एक आदेश जारी कर 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी यह सूची राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
प्रशासनिक फेरबदल की बड़ी बातें
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी इस बार बहुत महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
जितेंद्र कुमार सोनी को अब मुख्यमंत्री के सचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के शासन सचिव का पदभार भी संभालेंगे।
संदेश नायक को जयपुर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
वह पहले मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
सोशल मीडिया पर चर्चित आईएएस टीना डाबी का नाम भी इस सूची में शामिल है। उन्हें बाड़मेर से हटाकर अब टोंक का जिला कलेक्टर बनाया गया है। टोंक एक महत्वपूर्ण जिला है और वहां
उनकी नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम मानी जा रही है।
सरकार ने इस तबादला सूची में अनुभव और युवा जोश का संतुलन बनाने की कोशिश की है।
प्रमुख अधिकारियों के नए दायित्व
जोगा राम, जो 2005 बैच के अधिकारी हैं, अब पंचायती राज के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक भी होंगे।
उनकी यह दोहरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर पर मजबूत करने के लिए दी गई है।
पंचायती राज विभाग में उनका अनुभव अब स्वास्थ्य मिशन के साथ मिलकर काम करेगा।
राजन विशाल को जल जीवन मिशन का नया मिशन निदेशक बनाया गया है।
वे पहले वित्त विभाग में बजट सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
जल जीवन मिशन राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे अब उनके नेतृत्व में गति मिलेगी।
कन्हैया लाल स्वामी को जोधपुर का नया संभागीय आयुक्त नियुक्त किया गया है।
इससे पहले वे उदयपुर में टी.ए.डी. आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।
नकाते शिवप्रसाद मदन को राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आई.टी. सर्विसेज लिमिटेड का प्रबन्ध निदेशक बनाया गया है।
जिलों में नए कलेक्टरों की तैनाती
शिवांगी स्वर्णकार को वित्त विभाग में विशिष्ट शासन सचिव के पद पर भेजा गया है।
अनुपमा जोरवाल अब जैसलमेर की नई जिला कलेक्टर होंगी।
ओम प्रकाश कसेरा को जयपुर नगर निगम का आयुक्त और स्मार्ट सिटी का सीईओ बनाया गया है।
नमित मेहता को उदयपुर से हटाकर आबकारी विभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
नम्रता वृष्णि को बीकानेर कलेक्टर से हटाकर खान एवं पैट्रोलियम विभाग में विशिष्ट शासन सचिव बनाया गया है।
आलोक रंजन अब जोधपुर के नए जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अरविन्द कुमार पोसवाल को राजस्थान आवासन मण्डल का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
रश्मि शर्मा को स्कूल शिक्षा विभाग में आयुक्त और सांख्यिकी विभाग में विशिष्ट शासन सचिव बनाया गया है।
लक्ष्मी नारायण मंत्री को उदयपुर में टी.ए.डी. और देवस्थान विभाग का आयुक्त बनाया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव
कल्पना अग्रवाल को जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग का निदेशक बनाया गया है।
मुकुल शर्मा अब मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
गौरव अग्रवाल को उदयपुर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
चिनमयी गोपाल को बाड़मेर का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
शुभम चौधरी अब प्रतापगढ़ जिले की कमान संभालेंगे।
सुरेश कुमार ओला को रीको (RIICO) का नया प्रबन्ध निदेशक नियुक्त किया गया है।
आशीष मोदी को सीकर का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
अंकित कुमार सिंह को फलौदी जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रियंका गोस्वामी को आजीविका परियोजनाओं का स्टेट मिशन निदेशक बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
राजेन्द्र कुमार वर्मा को गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव के पद पर तैनात किया गया है।
अल्पा चौधरी को भू-प्रबन्ध आयुक्त और बन्दोबस्त निदेशक बनाया गया है।
बाबूलाल गोयल अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के नए आयुक्त होंगे।
बाल मुकुन्द असावा को बारां का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
बचनेश कुमार अग्रवाल को कोटा विकास प्राधिकरण का आयुक्त बनाया गया है।
नीलाभ सक्सेना अब उद्योग और वाणिज्य विभाग के नए आयुक्त होंगे।
निशांत जैन को बीकानेर का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
उनके पास बीकानेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार भी रहेगा।
सौरभ स्वामी को राजफैड का प्रबन्ध निदेशक नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार
अंजलि राजोरिया को गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव बनाया गया है।
अमित यादव अब श्रीगंगानगर के नए जिला कलेक्टर होंगे।
प्रताप सिंह को वित्त विभाग में संयुक्त शासन सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
मंजू को चित्तौड़गढ़ का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
रविन्द्र गोस्वामी अब पाली जिले के नए कलेक्टर होंगे।
रोहिताश्व सिंह तोमर को सिरोही का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
हरफूल सिंह यादव अब बूंदी के नए जिला कलेक्टर होंगे।
ललित कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का निदेशक बनाया गया है।
विकास प्राधिकरणों में नए चेहरे
गौरव सैनी को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का नया सचिव बनाया गया है।
श्वेता चौहान को उद्यानिकी विभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
अवधेश मीणा अब डीडवाना - कुचामन के नए जिला कलेक्टर होंगे।
देवेन्द्र कुमार को नागौर का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
अक्षय गोदारा अब करौली जिले की कमान संभालेंगे।
सौम्या झा को दौसा का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
महेन्द्र खड़गावत को श्रम विभाग में संयुक्त शासन सचिव बनाया गया है।
अतुल प्रकाश को खैरथल-तिजारा का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
देशल दान अब डूंगरपुर जिले के नए कलेक्टर होंगे।
युवा आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
मुहम्मद जुनैद पी पी को सलुम्बर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
मयंक मनीष अब डीग जिले के नए जिला कलेक्टर होंगे।
अपर्णा गुप्ता को कोटपूतली - बहरोड़ का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है।
नरेश कुमार गोयल अब कृषि विभाग के नए आयुक्त होंगे।
राहुल जैन को जोधपुर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है।
सिद्धार्थ पालानीचामी अब बीकानेर नगर निगम के आयुक्त होंगे।
जयदेव सी. एस. को राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
सोहन लाल को वाणिज्यिक कर विभाग में अतिरिक्त आयुक्त बनाया गया है।
शैलजा पांडे को बीकानेर जिला परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की नई टीम
उत्सव कौशल अब मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
अमिता शर्मा को भी मुख्यमंत्री का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
रीया डाबी को मुख्यमंत्री का विशेषाधिकारी (OSD) बनाया गया है।
रजत यादव को भी मुख्यमंत्री का विशेषाधिकारी नियुक्त किया गया है।
अक्षत कुमार सिंह अब मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेषाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
गरिमा नरूला को मुख्य सचिव कार्यालय में विशेषाधिकारी बनाया गया है। यह नियुक्तियां प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के लिए की गई हैं।
आदेशों का कड़ाई से पालन
राज्यपाल की आज्ञा से संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह ने ये आदेश जारी किए हैं।
सरकार ने सभी अधिकारियों को तुरंत अपने नए पदों पर कार्यभार संभालने को कहा है।
कार्यमुक्त होने वाले अधिकारियों के लिए विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं।
उन्हें अपना गत भुगतान प्रमाण-पत्र और सेवा सत्यापन विभाग को भेजना होगा।
राजस्थान में इस बड़े फेरबदल से शासन व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद है।
जनता को अब इन नए अधिकारियों से बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा रहेगी।
प्रशासनिक गलियारों में इस सूची को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं।
कई अधिकारियों को उनकी कार्यक्षमता के आधार पर बड़ी जिम्मेदारियां मिली हैं।
वहीं कुछ अधिकारियों को लूप लाइन से मुख्य धारा में वापस लाया गया है।
राजस्थान सरकार का यह कदम राज्य के विकास कार्यों को गति देने वाला साबित हो सकता है।
जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति से स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।
विभिन्न विभागों में हुए बदलावों से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा।
इस सूची के माध्यम से सरकार ने अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है।
आने वाले समय में इन अधिकारियों की कार्यशैली पर सभी की नजर रहेगी।
राजस्थान की जनता सुशासन और पारदर्शिता की उम्मीद कर रही है।
यह तबादले राज्य के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
प्रशासनिक स्थिरता और कुशलता के लिए ऐसे बदलाव समय-समय पर आवश्यक होते हैं।
सरकार ने इस बार काफी सोच-समझकर अधिकारियों का चयन किया है।
सभी 65 अधिकारियों की सूची अब सार्वजनिक हो चुकी है।
अधिकारी अब अपनी नई भूमिकाओं में ढलने की तैयारी कर रहे हैं।
राजस्थान की प्रगति के लिए यह टीम अब मिलकर कार्य करेगी।