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राजस्थान: ट्रैक्टर पर खतरनाक स्टंट: राजस्थान: बजरी माफिया का ट्रैक्टर पर मौत का स्टंट वायरल

मानवेन्द्र जैतावत · 28 अप्रैल 2026, 01:18 दोपहर
सवाई माधोपुर में अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर पर रील बनाने के लिए युवक ने छोड़ा स्टीयरिंग।

सवाई माधोपुर | राजस्थान में अवैध बजरी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को खुली चुनौती दे रहे हैं। हाल ही में सवाई माधोपुर और दौसा के सीमावर्ती क्षेत्र का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

इस वीडियो में एक युवक अवैध बजरी से लदे ट्रैक्टर पर जानलेवा स्टंट करता नजर आ रहा है। रील बनाने के जुनून में उसने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा किया।

रील के लिए मौत से खिलवाड़

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़का तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क पर दौड़ा रहा है। अचानक वह 'भौकाल' दिखाने के लिए स्टीयरिंग छोड़कर सीधे ट्रैक्टर के गर्म बोनट पर जाकर खड़ा हो जाता है।

ट्रैक्टर बिना किसी नियंत्रण के सड़क पर दौड़ता रहता है। इस दौरान युवक का संतुलन बिगड़ता है, जिसे वह बड़ी मुश्किल से संभालता है। संतुलन खोने पर उसके चेहरे पर डर साफ देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और व्यूज पाने की यह होड़ अब अपराध की श्रेणी में पहुंच गई है। पुलिस ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपी की पहचान कर ली है।

आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

NDTV राजस्थान की पड़ताल में सामने आया कि स्टंट करने वाले युवक का नाम गौरव उर्फ गोलू मीणा है। वह बाटोदा थाना क्षेत्र के चांदा की झोंपड़ी गांव का निवासी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गौरव एक आदतन अपराधी है और उस पर पहले भी अवैध खनन के मामले दर्ज हैं। उसका ट्रैक्टर पहले भी अवैध बजरी परिवहन के आरोप में जब्त किया जा चुका है।

"सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्टंट वीडियो की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि ऐसे कृत्यों पर रोक लग सके।"

पुलिस के मुताबिक, यह खतरनाक वीडियो दौसा जिले के लालसोट थाना इलाके में शूट किया गया है। बजरी माफिया अब रील के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

कानून और सुरक्षा को खुली चुनौती

सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक जैसे जिलों में अवैध बजरी खनन का कारोबार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। माफिया अब छिपकर नहीं, बल्कि सरेआम सोशल मीडिया पर कानून का मजाक उड़ा रहे हैं।

यह वीडियो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एमएमडीआर एक्ट के तहत भी गंभीर अपराध है। ओवरलोड ट्रैक्टरों से होने वाले हादसों में आए दिन मासूमों की जान जाती है।

प्रशासन को अब इन 'रील माफियाओं' के खिलाफ डिजिटल और जमीनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। केवल ट्रैक्टर जब्त करना काफी नहीं, बल्कि इन पर भारी जुर्माना और जेल की सजा जरूरी है।

इस तरह के स्टंट न केवल जानलेवा हैं, बल्कि युवाओं को गलत रास्ते पर भी धकेल रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी ऐसे खतरनाक कंटेंट पर लगाम कसनी चाहिए।

अवैध बजरी का यह काला कारोबार पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुका है। माफियाओं द्वारा पुलिस टीमों पर हमले की खबरें भी अक्सर आती रहती हैं।

इस ताजा मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस का खौफ इन अपराधियों में खत्म होता जा रहा है। सवाई माधोपुर और दौसा पुलिस अब आरोपी गौरव की तलाश में जुटी है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय इन सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रैक्टर काल बनकर दौड़ते हैं, जिन पर कोई लगाम नहीं है।

पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इस तरह के स्टंट करेगा, उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। साथ ही, वाहन को स्थाई रूप से राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग अपराध को बढ़ावा दे रहा है। युवाओं को समझना होगा कि रील की लोकप्रियता चंद दिनों की है, लेकिन जेल की सलाखें भविष्य बर्बाद कर सकती हैं।

निष्कर्षतः, राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन को बजरी माफियाओं के इस नए 'डिजिटल अवतार' को कुचलने के लिए विशेष टास्क फोर्स की मदद लेनी होगी। जब तक सख्त नजीर पेश नहीं की जाएगी, तब तक ऐसे स्टंट और अवैध गतिविधियां जारी रहेंगी।

*Edit with Google AI Studio

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