राजस्थान

राजस्थान: जल जीवन मिशन के उपभोक्ताओं को अब देना होगा शुल्क

बलजीत सिंह शेखावत · 21 मई 2026, 03:55 दोपहर
राजस्थान सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर महीने 100 से 125 रुपये शुल्क वसूलने की तैयारी में है।

जयपुर | राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार करीब छह साल के इंतजार के बाद अब ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में नल से मिलने वाला पानी मुफ्त नहीं रहेगा।

नई ओएंडएम पॉलिसी और मासिक शुल्क

जलदाय विभाग द्वारा तैयार की गई नई नीति के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन लेने वाले परिवारों को अब हर महीने शुल्क देना होगा। प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक यह राशि 100 रुपये से 125 रुपये के बीच हो सकती है।

इस मासिक शुल्क का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे और पाइपलाइनों के रखरखाव को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखना है। विभाग ने इस नीति का अंतिम प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है।

गांवों में क्लस्टर कमेटियों का होगा गठन

स्थानीय स्तर पर जलापूर्ति और मरम्मत कार्यों की निगरानी के लिए सरकार प्रदेशभर में 41,986 क्लस्टर कमेटियां बनाएगी। इन कमेटियों की जिम्मेदारी गांव में पानी के वितरण और तकनीकी समस्याओं को दूर करने की होगी।

इन कमेटियों का अध्यक्ष संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच को बनाया जाएगा। इसके अलावा, तकनीकी सहायता और सरकारी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जलदाय विभाग के दो इंजीनियर भी इस कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

"हमने पॉलिसी का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलते ही प्रदेश के सभी जेजेएम कनेक्शनों पर यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।" - जलदाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी

63 लाख से अधिक परिवारों पर होगा असर

राजस्थान में अब तक जल जीवन मिशन के तहत 63 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा और पाली जैसे जिलों में इस योजना का सबसे व्यापक विस्तार हुआ है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मिशन के दायरे से बाहर जो ग्रामीण उपभोक्ता पहले से पानी का उपयोग कर रहे हैं, वे पहले से ही शुल्क चुका रहे हैं। अब जेजेएम के नए उपभोक्ताओं को भी इसी दायरे में लाने की तैयारी है।

निष्कर्ष: व्यवस्था में सुधार की कवायद

सरकार का मानना है कि मामूली शुल्क लेने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था अधिक जवाबदेह और टिकाऊ बनेगी। हालांकि, यह बदलाव प्रदेश की एक बड़ी ग्रामीण आबादी के मासिक बजट को प्रभावित करने वाला है।

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