सीकर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर जिले के खण्डेला स्थित ग्राम जाजोद में आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' में नारी शक्ति के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल और जन-धन खातों ने महिलाओं का जीवन आसान बनाया है।
महिला सशक्तिकरण से बनेगा मजबूत प्रदेश
भजनलाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि जब देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी प्रदेश और राष्ट्र की नींव मजबूत होगी। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसा बड़ा कदम उठाया है।
इस अधिनियम के जरिए अब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। राज्य सरकार भी बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है। ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकारी योजनाओं का मिल रहा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने लाडो प्रोत्साहन योजना और मा वाउचर योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ये योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
आंगनबाड़ी में बच्चों के पोषण के लिए दूध की व्यवस्था और वृद्धावस्था पेंशन में की गई वृद्धि भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यमुना जल समझौते के फायदों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
लखपति दीदी योजना में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत ऋण की सीमा को बढ़ा दिया है। अब महिलाएं अपनी आजीविका के लिए 1.5 लाख रुपये तक का ऋण ले सकेंगी।
इतना ही नहीं, इस ऋण पर लगने वाले ब्याज को भी घटाकर मात्र 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और वे विकास करेंगी।
बैंक सखी और डाटा सखी की सफलता
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव सुने। बैंक सखी पूनम शर्मा ने बताया कि कैसे उन्होंने 50 से अधिक महिलाओं का बीमा करवाकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी है।
पूनम अब 'बैंक वाली दीदी' के नाम से पहचानी जाती हैं और उनकी वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये हो गई है। इसी तरह डाटा सखी गुमान कंवर ने भी अपनी सफलता की अद्भुत कहानी साझा की।
राजीविका महिलाओं के सपनों को दे रही उड़ान
राजीविका की बदौलत आज हमारे सपने पूरे हो रहे हैं। पहले हमें छोटे ऋण के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब हम खुद दूसरों की मदद कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनी हैं।
कैंटीन चलाने वाली अनिता देवी और मास्टर ट्रेनर के रूप में काम कर रही अन्य महिलाओं ने भी बताया कि कैसे स्वयं सहायता समूहों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। अब वे समाज में सम्मान के साथ जी रही हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में राजीविका से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण महिलाएं बैंक सखी और कृषि सखी बनती हैं, तो पूरे गांव की अर्थव्यवस्था बदल जाती है।
इस कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा और स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने वहां प्रदर्शित ग्राम रथ और कला जत्थों का अवलोकन कर सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की जमकर सराहना की।
आज राजस्थान की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य हर महिला को सशक्त करना है।
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