राजस्थान

राजस्थान में लखपति दीदी की नई उड़ान: भजनलाल सरकार का तोहफा: लखपति दीदी योजना में बढ़ी लोन सीमा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 11 मई 2026, 12:12 दोपहर
मुख्यमंत्री ने पुष्कर में महिलाओं से संवाद किया और ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करने की घोषणा की।

पुष्कर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को पुष्कर के कड़ैल में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह दिखाई। उन्होंने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ आत्मीय संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही हैं। यह प्रयास सराहनीय है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। घर-घर शौचालय का निर्माण और उज्ज्वला योजना ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है।

हर घर नल से जल और जन-धन खातों के माध्यम से योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने इन उपलब्धियों को महिला शक्ति की जीत बताया।

लखपति दीदी योजना: ऋण सीमा में बड़ी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लखपति दीदी योजना को लेकर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा अब 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है।

इसके साथ ही, ब्याज दरों में भी भारी कटौती की गई है। अब महिलाओं को केवल 1.5 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जो पहले 2.5 प्रतिशत हुआ करता था। यह एक बड़ी राहत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के लिए 'मा वाउचर योजना' भी चला रही है। बालिकाओं को शिक्षा के लिए साइकिल और स्कूटी का निरंतर वितरण किया जा रहा है।

प्रदेश में राजीविका के माध्यम से अब तक 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह आंकड़ा राज्य की महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और उनकी आर्थिक आजादी का प्रतीक है।

विभिन्न भूमिकाओं में महिलाओं का नेतृत्व

प्रधानमंत्री की लखपति दीदी योजना के तहत महिलाएं आज कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी और ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रही हैं। वे समाज में बदलाव की वाहक बनी हैं।

भजनलाल सरकार महिलाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए टेबलेट वितरण भी कर रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी डिजिटल दुनिया का हिस्सा बन सकेंगी और आगे बढ़ सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर सरकारी भर्तियां निकाल रही है और स्वरोजगार के लिए बिना ब्याज के लोन उपलब्ध करवा रही है।

सफलता की प्रेरक कहानियां और संवाद

कार्यक्रम के दौरान कई लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि राजीविका से जुड़कर उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हुई है।

प्रियंका ने कहा कि उन्हें मिले लोन से उन्होंने पशुपालन शुरू किया और अपनी आजीविका बढ़ाई। आज वे डाटा सखी के रूप में काम कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी। राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई। आज मैं पूरी तरह सक्षम हूं।

पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने बताया कि वह पहले एक साधारण गृहिणी थीं। परिवार के सहयोग और राजीविका की मदद से आज वह एक सफल लखपति दीदी के रूप में जानी जाती हैं।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं महिलाएं

एकल महिला नंदू कंवर की कहानी भी अत्यंत प्रेरणादायक रही। उन्होंने आर्थिक तंगी के समय समूह से जुड़कर सिलाई मशीन खरीदी और आज वे अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

क्लस्टर मैनेजर शीतल कंवर ने बताया कि उनके नेतृत्व में 9 ग्राम पंचायतों के 340 समूह काम कर रहे हैं। उनकी वार्षिक आय अब 2 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।

सोलर दीदी सिमरन सैनी ने अपनी शिक्षा और ट्रेनिंग का श्रेय राजीविका को दिया। आज वे 10 गांवों में तकनीकी कार्यों और लेखा-जोखा का प्रबंधन कुशलतापूर्वक संभाल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के नेतृत्व को नई और मजबूत दिशा प्रदान करेगा।

कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं के जज्बे को सलाम किया।

मुख्यमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि राजस्थान की महिलाएं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। यह संवाद भविष्य की समृद्ध तस्वीर पेश करता है।

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